चीनी मील मालिकों के समक्ष सरकार घुटना टेकना बंद करें
राज्य में बंद सभी चीनी मिलों को अविलंब चालू करो
चीनी मील मालिकों के समक्ष सरकार घुटना टेकना बंद करें राज्य में बंद सभी चीनी मिलों को अविलंब चालू करो
जे टी न्यूज, मुजफ्फरपुर: गन्ना के मूल्य में 10 रु की वृद्धि गन्ना किसानों के साथ क्रुर मजाक है।
बिहार राज्य गन्ना किसान मोर्चा का प्रथम सम्मेलन स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मृति किसान भवन भगवानपुर, मुजफ्फरपुर में आयोजित हुआ।सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए संगठन के संयोजक अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती भगवान को ढूंढने संयासी बनकर जंगलों,पहाड़ों,मंदिरों और धर्म शास्त्रों में ढूंढते-ढूंढते थक गए। मगर कहीं भगवान का दर्शन उन्हें नहीं हुआ। उन्होंने कहा किसानों में ही मुझे भगवान का दर्शन हुआ। किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं जीवन दाता भी है। इसीलिए उन्होंने किसानों को भगवान से संबोधित किया। मगर मंदिरों और नदियों में भगवान ढूंढने वाली केंद्र और राज्य सरकार द्वारा असली भगवान किसानों की घोर उपेक्षा से किसान कंगाल हो गए और आत्महत्या करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि चीनी मिल मालिकों के सामने सरकार की घुटना टेकने के कारण गन्ना किसान सबसे बदहाल है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल बनाने की खुली छूट देने के कारण अगले साल आम लोगों को महंगे दामों पर चीनी खरीदने को तैयार रहना होगा। मोर्चा के सह संयोजक डाॅ आनंद किशोर ने बिहार के चीनी मिलों के बंद होने,सरकार द्वारा केन एक्ट की धज्जियां उड़ाने तथा मिल मालिकों को एथेनॉल और चीनी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि करने की खुली छूट,मगर गन्ना उत्पादन में लागत की बेतहाशा वृद्धि की सरकार द्वारा घोर उपेक्षा से गन्ना उत्पादकों में चारों ओर आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने 13 सूत्री मांग पत्रों का प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए,एक साल के कार्यों का रिपोर्ट सम्मेलन को प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध गाँधीवादी चिंतक, गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने स्वामी जी को याद करते हुए कहा कि सरकार के किसान विरोधी नीतियों के कारण ही किसानों की समस्याएं रोज बढ़ती जा रही है। एकजुट होकर मुकाबला करना ही एक मात्र विकल्प है। गन्ना किसानों की हालत दयनीय हो रही है।चीनी मिल के मामले में समृद्ध बिहार आज देश में सबसे पीछे है। चीनी मिलों की संपत्ति पर कब्जा किया जा रहा है। बहस में भाग लेते हुए राघव मिश्रा, संजीव कुमार सिंह, जालंधर यदुवंशी,प्रमोद सिंह,पारस नाथ सिंह, चंदेश्वर चौधरी,लाल बाबू सिंह,वीरेंद्र सिंह,संतोष ईश्वर,राम नरेश महतो,मैनेजर सिंह,काशीनाथ साहनी आदि ने अपना विचार व्यक्त किया और आंदोलन को मजबूत करने का बहुमुल्य
सुझाव दिया। एटक नेता शम्भू ठाकुर ने सम्मेलन का एटक की ओर से अभिनन्दन करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने ने सम्मेलन की सफलता की कामना की। सम्मेलन में सर्वसम्मति से 35 सदस्यी राज्य कमेटी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से अगले सत्र के लिए अध्यक्ष हेतु अशोक प्रसाद सिंह, के नाम को करतल ध्वनि से सर्व सम्मति से पास किया गया तथा महासचिव के लिए डॉक्टर प्रोफेसर आनंद किशोर का नाम सर्व सम्मति से पास किया गया।
