मिलजुल कर हल ढूँढते हैं
मिलजुल कर हल ढूँढते हैं
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सुंदर सफल अपना कल करते हैं 
चलो मिलजुल कर हल ढूँढते हैं …
प्रतिदिन के उलझनों से थक गये हैं
चलो खुशियों भरा महल ढूँढते हैं …
तपिश ही तपिश है जिन्दगी में
चलो सुकून भरा पल ढूँढते हैं ..
जे टी न्यूज
कुछ लोगों के कड़वी बातों से मन विकल है
चलो सुन्दर स्नेह भरा हृदय-तल ढूँढते हैं
स्वरचित
अनुपमा सिंह सोनी (पटना)


