शहीद बीएसएफ सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तेयाज को बिहार सरकार ने नहीं दिया उचित सम्मान

माले विधायक सत्यदेव राम पीड़ित परिजनों से मिलने पहुँचे गरखा

शहीद बीएसएफ सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तेयाज को बिहार सरकार ने नहीं दिया उचित सम्मान / माले विधायक सत्यदेव राम पीड़ित परिजनों से मिलने पहुँचे गरखा / पीड़ित परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए: भाकपा-माले की मांग जे टी न्यूज, पटना:
भाकपा-माले राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल ने कहा है कि कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहीद हुए बीएसएफ के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तेयाज को बिहार सरकार ने अपेक्षित सम्मान नहीं दिया. शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर पटना हवाई अड्डे पर लाया गया, उस समय न तो मुख्यमंत्री उपस्थित थे, न ही दोनों उपमुख्यमंत्रियों में से कोई, और न ही कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी. कुछेक मंत्री जरूर उपस्थित थे. इतना ही नहीं, शहीद के पार्थिव शरीर को पुलिस के एक ट्रक में रख दिया गया, और उनका सामान उनके पुत्र को स्वयं ढोना पड़ा. यह दृश्य अत्यंत पीड़ादायक था. सवाल उठता है कि क्या बिहार सरकार शहीदों और उनके परिजनों के प्रति ऐसा रवैया अपनाएगी?भाकपा-माले राज्य सचिव ने कहा कि शहीद मोहम्मद इम्तेयाज के पार्थिव शरीर के पटना पहुँचने की सूचना सभी राजनीतिक दलों को दी जानी चाहिए थी, लेकिन हमारी पार्टी को कोई सूचना नहीं दी गई, जिसके कारण हम एयरपोर्ट पर उपस्थित नहीं हो सके.आज हमारी पार्टी के विधायक सत्यदेव राम सारण जिले के गरखा प्रखंड में शहीद के परिजनों से मिलने पहुँच रहे हैं. हम शहीद परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं और बिहार सरकार से मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य को अविलंब सरकारी नौकरी प्रदान की जाए.शहीद मोहम्मद इम्तेयाज की शहादत को बिहार हमेशा याद रखेगा. यह उन ताकतों के मुँह पर करारा तमाचा है, जो पहलगाम की आतंकी घटना की आड़ में देश में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.भारत की असली ताकत उसकी साझी शहादत और साझी विरासत है. यही हमारे देश की पहचान है, और इसे और मज़बूत करना हम सबकी जिम्मेदारी है. शहीद इम्तेयाज की कुर्बानी हमें यही संदेश देती है.

Related Articles

Back to top button