पाल महासम्मेलन’ का आयोजन किया गया
पाल महासम्मेलन’ का आयोजन किया गया 
जे टी न्यूज, पटना : बिहार राज्य पाल महासंघ, बिहार के द्वारा पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में 14 जून, 2025 को शनिवार के दिन ‘पाल महासम्मेलन’ का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष चंद्रमोहन पाल ने की और संचालन बिहार राज्य पाल महासंघ के सचिव तथा राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दिनेश पाल ने किया। महासम्मेलन में मुख्य अतिथि सह उदघाटनकर्ता के रूप में बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत तेजस्वी प्रसाद यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि शुरू से ही पाल समाज ने लालू प्रसाद जी को ताकत दी है आपका वही प्यार और ताकत मुझे मिल रहा है इसके लिए मैं पाल समाज ऋणी हूं। हमारी सरकार बनेगी तो आपका ऋण चुकाऊंगा क्योंकि कोई भी व्यक्ति ऋणी नहीं रहना चाहता। पाल समाज द्वारा चरवाहा आयोग राजनीतिक भागीदारी और दुर्घटना में भेड़ों की अकाल मौत जैसे सवालों को भी तेजस्वी ने एड्रेस किया। कहा कि सब काम में करूंगा। आज से आपकी चिंता मेरी चिंता हो गई है।
नीतीश कुमार की चर्चा करते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार को कोई और सरकार चला रहा है। मुख्यमंत्री को अपने दो-दो उपमुख्यमंत्री का भी नाम याद नहीं रहता ।अब उन पर पूर्ण विराम लगना चाहिए क्योंकि बिहार को कोई और चला रहा है । भाजपा पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि है बीजेपी वाले आरक्षण चोर पार्टी है। हमारी 17 महीने की सरकार ने बिहार में आरक्षण के सीमा जब 65% की तो इन्हीं लोगों ने कोर्ट कचहरी का सहारा ले अधर में लटका दिया। आज बिहार में जो भी बहालियां हो रही है उससे बहुजन समाज वंचित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है लेकिन बिजली की दर सबसे महंगी है भयंकर गरीबी और पलायन है इसलिए यह जरूरी है कि 20 वर्षों के नीतीश और 11 वर्षों से केंद्र की सत्ता पर बैठे मोदी सरकार को अपदस्थ किया जाए। तेजस्वी ने कहा कि सरकार 15 साल पुरानी गाड़ी चलाने का लाइसेंस नहीं देती लेकिन बिहार की जनता 20 साल पुरानी सरकार को काहे चलाएगी। अब समय है गाड़ी बदलने का ।तेजस्वी ने कहा कि बिहार में हमारी सरकार आएगी तो हम हर महीने मां बहनों को ढाई हजार रुपए मानदेय देंगे। 200 यूनिट बिजली फ्री करेंगे प्रतियोगी छात्रों के फॉर्म फीस और यातायात शुल्क फ्री करेंगे बिहार में 100% डोमिसाइल नीति लागू करेंगे।
विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री श्री मंगनी लाल मंडल ने कहा कि इस भीषण गर्मी में पाल समाज की यह उपस्थित एकता की ताकत को दर्शाता है। कर्पूरी ठाकुर गरीबों के बीच जाते थे तो एकता पर बल देते थे ।वह कहते थे कि भगवान मिलते हैं भक्ति से और अधिकार मिलता है शक्ति से । संगठन एकता में है इसे अपने साबित किया। अध्यक्ष चंद्रमोहन पाल ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि बिहार राज्य पाल महासंघ के लिए बहुत सुखद संयोग है कि 28 फरवरी, 1993 को मिलर हाई स्कूल के मैदान में आयोजित प्रथम ‘पाल महासम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की गरिमामयी उपस्थिति हुई थी और आज दूसरे ‘पाल महासम्मेलन’ में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव की उपस्थिति है। प्रथम पाल महासम्मेलन के बाद लालू प्रसाद यादव ने पाल समाज का मान-सम्मान बढ़ाते हुए डॉ. रामकरण पाल को बिहार विधानपरिषद का सदस्य बनवाया था। बहुत अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि आजादी के बाद से आजतक बिहार में किसी प्रतिष्ठित पार्टी द्वारा पाल समाज को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया है, इसलिए पाल समाज आज उम्मीद के नजर देख रहा है कि पाल को भी राजनीतिक भागीदारी मिले। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आये दिन कहीं न कहीं सड़क दुर्घटना, ट्रेन दुर्घटना एवं प्राकृतिक आपदाओं में भेड़ और भेड़पालक हताहत होते हैं लेकिन सरकार की तरफ से कोई मुआवजा नहीं मिल पाता है। भेड़पालन हेतु बिहार सरकार द्वारा किसी प्रकार की सब्सिडी भी नहीं दी जाती है, इसलिए पाल समाज चाहता है कि ‘चरवाहा आयोग’ का गठन किया जाए। महासंघ के सचिव डॉ. बिनोद पाल ने विषय-प्रवेश कराया। महासंघ के संयोजक प्रो. दिलीप पाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि महासम्मेलन के माध्यम से मुख्य अतिथि से निवेदन करना चाहते हैं कि पाल समाज सरीखे अन्य अतिपिछड़ी जातियों को आगामी विधानसभा में चुनाव लड़ाया जाए। आजदी के बाद आजतक बिहार का किसी सम्मानित दल द्वारा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया है। इस समाज को टिकट देने से पूरे बिहार के पाल मतदाता दल को वोट करेंगे, जो दल व महागठबंधन के हित में रहेगा।
महासंघ के उपाध्यक्ष राजेश पाल ने अपने वक्तव्य में बताया कि 1990 के बाद पहली बार पाल समाज के साथ सामाजिक न्याय किया गया था, जिसमें डॉ. रामकरण पाल को बिहार के उच्च सदन का सदस्य और विधानपरिषद का मुख्य सचेतक बनाया गया था। पूर्व पार्षद अरविंद कुमार उर्फ राजेश पाल ने बताया कि लालू प्रसाद यादव जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब अतिपिछड़ा समाज की विभिन्न जातियां जिनकी आजादी के बाद सदन में उपस्थिति नहीं हो सकी थी, उन्हें सदन में भेजने का काम किया, जिसमें हमारे समाज से डॉ. रामकरण पाल भी शामिल थे। उपर्युक्त वक्ताओं के अलावे उपाध्यक्ष अमरेंद्र पाल, कन्हैया पाल, सूर्यदेव पाल, जिला पार्षद विनय पाल, मुखिया मिथिलेश राय, प्रकाश पाल, राजेन्द्र पाल, सुजीत पाल ‘गुड्डू’, भरत प्रसाद पाल, डॉ. राजेन्द्र पाल, राजदेव पाल, प्रो. जितेन्द्र पाल, बृजेन्द्र पाल, अंजली राय, राजकिशोर पाल, रामशंकर पाल, रामानंद पाल, मुखिया राधेश्याम पाल, सुरेंद्र पाल,बद्री पाल, लाल बिहारी पाल, अशोक पाल, तेजनारायण पाल, श्रीराम पाल, अनिल पाल, रजनीश पाल, उमेश पाल, बालेश्वर राय, रामाधार राय, राजकुमार पाल, नीरज पाल, चंदन पाल, रिंकू पाल, जितेन्द्र पाल, मुन्ना पाल, हरिश्चंद्र मण्डल, आर सी मण्डल, कृष्णा पाल, लालबाबू पाल, कमल किशोर पाल, जय प्रकाश पाल, हरिलाल पाल, अवधेश पाल, लालजी पाल, गुड्डू राय, जिला पार्षद राजकिशोर राय, मुखिया मोतीलाल, मुखिया जवाहर राय, प्रकाश पाल, कृष्णा राय, नागमणि पाल, रामप्रवेश राय, मोहित सिंह पाल, अनिल सुधा, किरण देवी, मुखिया दिलीप राय, दिनेश पाल एवं दिनकर आदि ने भी सम्बोधित किया। पाल महासम्मेलन में बिहार के कोने-कोने से हजारों लोगों ने सहभागिता की।



