गिरती कानून व्यवस्था, दलित और महिला बलात्कार के जिम्मेदार नीतीश सरकार को गद्दी से हटाओ– अशोक ढवले

गिरती कानून व्यवस्था, दलित और महिला बलात्कार के जिम्मेदार नीतीश सरकार को गद्दी से हटाओ– अशोक ढवले जे टी न्यूज, पटना : आज सूर्या भवन जमाल रोड पटना में बिहार राज्य किसान सभा ,सीटू तथा बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष का. अशोक ढवले ने कहा कि पिछले 11 साल में लगातार जनता ,मजदूर वर्ग,किसान समुदाय तथा खेत मजदूरों पर हमले हुए हैं।कोरोना के समय सितंबर 2020 में 7 कानून लाए।जिसमें चार लेबर कोड,किसानों के खिलाफ तीन कानून पास कराया।जो कारपोरेट, अडानी,अंबानी जैसे लोगों के हाथों में देश की जमीन,मजदूरों के अधिकार को समाप्त करने के लिए 7 कानून लाए गए।यह इसलिए हुआ कि कोरोना में लोग डरे हुए हैं।ये विरोध नहीं कर पाएंगे।इसे मोदी ने आपदा में अवसर बताया था।
लेकिन देश के किसानों ने इसके विरुद्ध जबरदस्त आंदोलन किए।13 महीनों तक यह किसानों का आंदोलन चला और मोदी सरकार को झुकना पड़ा था।मोदी को खुद तीनों किसान विरोधी काले कानून को वापस लेने की घोषणा करनी पड़ी थी। ब्रिटिश हुकूमत ने आजादी के आंदोलन के समय 29 मजदूरों के लिए कानून बने थे।जिसे मोदी सरकार ने समाप्त कर 4 लेबर कोड बनाया है।
हमारी मांग है कि 26 हजार का न्यूनतम वेतन मजदूरों के लिए होने चाहिए।मनरेगा जैसे रोजगार गारंटी कानून ,आदिवासी अधिकार कानून,सूचना का अधिकार जैसे कानून 2004 में वामदलों के दबाव पर मनमोहन सिंह को बनाना पड़ा था।उस समय माकपा के 43 सांसद सहित वामदल के 61 सांसदों के समर्थन से मनमोहन सरकार चल रही थी।आज मनरेगा कानून को मोदी सरकार समाप्त कर देना चाहती है।उसके आवंटन में लगातार कटौती की जा रही है।राशन का विस्तार मोदी सरकार नहीं कर रही है।जब राशन प्रणाली के माध्यम से केरल की सरकार 14 आवश्यक सामग्री दे रही है।तो मोदी और नीतीश सरकार क्यों नहीं दे रही।बिहार में लगातार भूमिहीन ,दलित किसान को जमीन देने के लिए किसान सभा लड़ाई लड़ रही है।5 डिसमिल भूमिहीनों को आवासीय जमीन देने की लड़ाई लड़ी जा रही है।
एम एस पी धान के लिए केरल सरकार 3820 रुपए दे रही है।आज बिहार में धान की खरीद 2 हजार 2 सौ से ज्यादा नहीं है।जबकि स्वामीनाथन आयोग ने किसानों की खेती में लागत का डेढ़ गुना दाम देने का सुझाव दिया था।किसानों के फसल बीमा में लूट हो रही है।हमारी मांग है कि किसानों और खेत मजदूरों को कम से कम 10 हजार रुपए पेंशन दिया जाय।
आज भारत से निर्यात किए गए सामान पर अमेरिका ने 30% टेक्स लगाया।जिस पर मोदी सरकार चुप्पी साधे रहा।इसी तरह अमेरिका ने चीन के सामान पर 125% टेक्स लगाया। उसके जवाब में चीन ने भी अमेरिका के सामानों पर 125 % टेक्स लगा दिया।इस तरह चीन ने अमरीका को करारा जवाब दिया।
बैठक को खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव का. विक्रम सिंह,सीटू की राष्ट्रीय सचिव का. ए आर सिंधु ,अवधेश कुमार,विनोद कुमार,अनुपम कुमार,भोला दिवाकर ने संबोधित किया।बैठक की अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद सिंह,गणेश शंकर सिंह,देवेंद्र चौरसिया ने की।

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