डी बी के एन महाविद्यालय मे 3 विषयो में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू

प्राचार्य द्वारा रजिस्ट्रार का ध्यानाकर्षण कराया गया

डी बी के एन महाविद्यालय मे 3 विषयो में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू /प्राचार्य द्वारा रजिस्ट्रार का ध्यानाकर्षण कराया गया

जे टी न्यूज विभूतिपुर:
70 के दशक में स्थापित डी बी के एन महाविद्यालय नरहन एवम प्रखंड का एकमात्र अंगीभूत महाविद्यालय के रूप मे ख्यातिलब्ध संस्थान जहां दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से हज़ारों छात्र छात्राएँ उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने आते हैं, स्नातक स्तर की पढ़ाई तो हो जाती पर स्नातकोत्तर की पढ़ाई की मान्यताएं नहीं होने के कारण ग्रामीण परिवेश और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आए छात्र छात्राओं को उच्चतर शिक्षा से वंचित होना पड़ता है, इस सन्दर्भ में प्राचार्य राकेश रंजन सिन्हा ने पत्रांक PR/GS-105/25 दिनाँक 10/06/25 के माध्यम से रजिस्ट्रार के नाम से पत्राचार द्वारा पहल की है . इससे पूर्व भी इस विषय पर विगत मार्च में, PR/GS-48/25 दिनाँक 11 मार्च 2025 को भी संबंधित विभाग को लिखा गया था । फ़िलहाल समाज शास्त्र, राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र में स्वीकृत पदो के अनुरूप स्नातकोत्तर की पढ़ाई की शुरुआत किए जाने की पहल की गई है.विदित हो कि एनएसयूआइ छात्र संगठन के द्वारा ज्ञापित विभिन्न मांगों में एक ये भी प्रमुख मांग रही है जिसे प्राचार्य ने तत्परता से अपने वरीय अधिकारियों के सम्मुख रखा है.
अन्य विकासात्मक पहलुओं पर भी पत्रकार विनय कुमार राय ने जब प्राचार्य से जानकारी ली तो उनने कहा कि 5 स्थाई गार्ड की शीघ्र बहाली, स्वच्छ जल की व्यवस्था, खेल मैदान मे उग आए घास फूस की जुताई, समतलीकरण कर दिया गया है, बारिश के कारण फ़िलहाल रुक गया है, मौसम सामन्य होते ही सौंदर्यीकरण भी हो जाएगा. उनने ये भी बताया कि अँग्रेजी विषय मे एक नियमित शिक्षक की बहाली विश्वविद्यालय द्वारा की गई है l एक तरफ शैक्षिक गुणवत्ता की सुनिश्चितता की ईमानदार कोशिश की कवायद है तो दूसरे तरफ शिक्षार्थी की क्लास में कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्रों से अपील की है कि आप सभी कॉलेज आकर अपने अपने विषय के शिक्षक से सम्पर्क कर विद्या अर्जन करे ताकि सामुहिक प्रयास से आपके कैरियर में सर्वागीण विकास हो सके l उनने आगे ये कहा कि किसी भी छात्र छात्राओं को किसी भी प्रकार की समस्या हो बेहिचक आकर मिल सकते हैं ताकि समस्या का निराकरण किया जा सके lछात्रों के अन्य सभी जायज मांगों को क्रमिक रूप से पूरा करने के यथोचित प्रयास को जारी रखते हुए शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों से नैतिक सहयोग की अपेक्षा करते हुए इस महा विद्यालय को शैक्षिक क्रांति द्वारा एक खास मुक़ाम तक पहुंचाना है l.

Related Articles

Back to top button