वर्तमान कुलपति के काले सफेद कारनामों के लिए क्लीन चिट देंगे कृषि मंत्री?
वर्तमान कुलपति के काले सफेद कारनामों केलिए क्लीन चिट देंगे कृषि मंत्री?

पूसा /समस्तीपुर/बिहार। डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में आयोजित 4थे दीक्षांत समारोह की तैयारी पूरी हो गई। इस अवसर पर भारत सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक मांगीलाल जाट सहित कई बडे नेता 17 जुलाई को पूसा पहुंच रहे हैं। आयोजन बड़ा है तो उद्देश्य छोटा कैसे हो सकता है। इस बाबत लोगों में यह चर्चा आम है कि, कृषि विश्वविद्यालय से केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय बनने के बाद तत्कालीन कुलपति डॉ आरसी श्रीवास्तव के काले सफेद कारनामों की लीपापोती करते करते भ्रष्टाचार की नई इबारत लिख रहे वर्तमान कुलपति डॉ पीएस पांडे को क्लीन चिट देने पहुंच रहे है केन्द्रीय मंत्री। लोगों में यह भी चर्चा है कि जब से डॉक्टर पांडे कुलपति का प्रभार लिए हैं तब से कथित कठोर ईमानदारी की आड में व्यापक पैमाने पर गोलमाल कियी जा रहा है।

कृषि अनुसंधान के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है। पिछले 10 वर्षों से विश्वविद्यालय को खोखला किया जा रहा है। शिक्षक, कर्मचारी, दैनिक श्रमिक, ही नहीं छात्रों का भविष्य भी अंधकार मय हो गया है। 17 जुलाई को केंद्रीय विश्वविद्यालय में चौथे दीक्षांत समारोह के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में तमाम माफियाओं का जमघट होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक अनुकंपा आश्रित द्वारा 14 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन आंदोलन जारी है इस बीच जानकारी के मुताबिक समस्तीपुर प्रशासन के आश्वासन पर पूसा थाना प्रभारी के समक्ष तत्काल आंदोलन स्थापित करने का अनुरोध किया गया चर्चा यह भी है कि इस समारोह में विश्वविद्यालय 3 महीना से उषा प्रखंड के मोहम्मदपुर व्यापार पंचायत के लोगों को आने-जाने में रोक लगा दी गई जबकि प्रखंड कार्यालय अस्पताल अंचल कार्यालय उसी रास्ते से आना-जाना है उल्लेखनीय है कि 2022 में राजस्थान के एक छात्र की सड़क दुर्घटना में घायल होने पर उचित इलाज नहीं किए जाने के कारण उसकी मौत मुजफ्फरपुर ले जाने के क्रम में हो गया था जबकि मुजफ्फरपुर की दूरी 45 किलोमीटर दूर है और समस्तीपुर की दूरी 22 किलोमीटर छात्र द्वारा मांगी गई थी कि कुलपति पर हत्या के मुकदमा हो और और लापरवाही का विरोध जाता रहे थे जिस पर कुलपति ने अपने बचाव के लिए छात्रों पर तीन-तीन झूठा मुकदमा दर्ज कराई गई तत्कालीन कुलपति द्वारा नाजायज रूप से अयोग्य लोगों की नियुक्ति की गई थी जिसकी जांच भारत सरकार द्वारा किए जाने के बाद भी जिसको विश्वविद्यालय से हटना चाहिए पिछले दो महीना पहले वर्तमान कुलपति डॉ पांडे द्वारा किया गया है चर्चा यह है कि भ्रष्टाचारियों के बचाव के लिए क्लीन चिट देने आ रहे हैं।




