नीतीश सरकार हर मोर्चे पर लड़ने में असफल: डाॅ. रतन मंडल

लोक लज्जा और स्वाभिमानी का ख्याल कर नीतीश सरकार से इस्तीफे की मांग

भागलपुर प्रतिनिधि : कोरोना संक्रमण संकट के बीच बिहार में चमकी बुखार ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। इस मामले में अभी तक इस वर्ष तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। तथा अभी एसकेएमसीएच में 15 बीमार बच्चों का इलाज जारी है।

चमकी के मामले को बढ़ता देख वंचित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.प्रोफेसर रतन मंडल ने ने कहा कि बिहार सरकार हर मायने में चाहे वह बाढ़ हो या सुखाड़ हो,महंगाई हो या बेरोजगारी हो, बीमारी हो या की कोई महामारी हो, पानी-बिजली, शिक्षा-चिकित्सा,आवास-सड़क,सफाई आदि ऐसे अन्यान्य मूलभूत मुद्दों पर लड़ने में असफल हो चुकी है।

अध्यक्ष श्री रतन मंडल ने कहा कि यहां तक कि पिछले बार इस हालात को देखने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी आए थे, इसके बावजूद कई बार इस बीमारी को लीची का कारण बता दे दिया जाता है, तो कई बार अन्य कारणों से इन मौतों को परिभाषित कर दिया जाता है,

लेकिन, बिहार सरकार की तरफ से कोई भी सही कदम नहीं उठाया जाता है, जिससे वहां के बच्चों को बचाया जा सके।
गौरतलब हो कि एक तरफ जहां लोग वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के कारण लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंस में रहकर मौत के साए में पल-पल जी रहे हैं,

वहीं दूसरी ओर चमकी बुखार ऐसे महारोग ने लोगों को एक बार फिर भयभीत और आशंकित करते हुए मौत का तांडव दिखाने के लिए दस्तक दे दिया है। पिछले साल भी इस चमकी बुखार का प्रकोप देखने को मिला था। पूरे बिहार में इस बीमारी की वजह से तकरीबन 200 बच्चों की मौत हुई थी।

मौत के बीच यह कहा जा रहा था कि यह बीमारी लीची की वजह से फैला है। इस अफवाह के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि हर मोर्चे पर विफल नीतीश को सरकार को तनिक भी लोक लज्जा या स्वाभिमानी होने का ख्याल है तो अपनी विफलता के लिए बिहार की आम जनता से माफी मांगते हुए तुरंत उन्हें इस्तीफा दे देनी चाहिए।

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