बिहार का 3.47 लाख करोड़ का बजट पेश

शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च होगा

बिहार का 3.47 लाख करोड़ का बजट पेश

शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च होगा

5 नये एक्सप्रेस वे बनेंगे

प्रगति यात्रा के दौरान की गई सीएम की घोषणा॓ओं को पूरा किया जायेगा

पटना। नीतीश सरकार ने मंगलवार को राज्य विधानमंडल में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश सरकार का यह पहला बजट है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद ने बजट पेश करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये हैं, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट 3.16 लाख करोड़ रुपये से 30 लाख 69 हजार 474 करोड़ रुपये अधिक है। वित्तीय वर्ष 26-27 में वार्षिक स्कीम का बजट अनुमान एक लाख 22 हजार 155 करोड़ 42 लाख रुपये है, जो पिछले वर्ष के बजट से 5 करोड़ 42 लाख रुपये अधिक है। इस वित्तीय वर्ष के व्यय का अनुमान 2,25,434 लाख रुपये है, जो पिछले वर्ष से 2 लाख 135 करोड 42 लाख रुपये से 25 हजार 258 करोड़ रुपये अधिक है। वित्त मंत्री ने अपने 12 मिनट के बजट भाषण में कहा कि पिछले कुछ सालों में बजट का आकार बढ़ा है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और बिहार भी दूसरे राज्यों के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य की विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाने का लक्ष्य है। प्रदेश समावेशी विकास के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सात निश्चित तीन के संकल्प के साथ बिहार को विकसित राज्य में लाने का लक्ष्य रखा गया है। चौथे कृषि रोड मैप में किसानों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होने कहा कि बिहार का बढ़ा बजट सामाजिक क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए बेहतर कदम है। बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ज्ञान, ईमान, विज्ञान, समान और सम्मान को विकसित किया। उन्होंने कहा कि महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान से बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की प्राथमिकता समावेशी विकास पर है। जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हो सके। बजट में कृषि क्षेत्र पर खास फोकस रखा गया है। चौथे कृषि रोड मैप को आगे बढ़ाने की घोषणा की गई है। जिससे खेती को आधुनिक बनाने, उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में इजाफा करने का लक्ष्य रखा गया है। बजट में औद्योगिक विकास को भी अहम स्थान दिया गया है। राज्य में उद्योग क्षेत्र में 50 करोड़ रुपये के निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। बजट में 5 नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है,

जिससे आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी। वहीं, गरीबों के लिए आवास योजना को भी विस्तार देने की घोषणा की गई है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश केंद्रीय बजट के लिए भी आभार जताया और मखाना बोर्ड, हवाई अड्डे और कृषि योजनाओं समेत कई घोषणाओं को बिहार के लिए फायदेमंद बताया।
वित्त मंत्री ने बताया कि सड़क, पुल, बिजली, पानी और भवन जैसे कामों के लिए ₹63,455 करोड़ का पूंजीगत खर्च रखा गया है। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए ₹68,216 करोड़, जो किसी भी विभाग से सबसे ज्यादा है। जबकि स्वास्थ्य के लिए ₹21,270 करोड़ और ग्रामीण विकास के लिए ₹23,701 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को ₹3,000 सालाना अतिरिक्त देने की घोषणा की। सरकार का दावा है कि 2025 से 2030 के बीच 1 करोड़ रोजगार अवसर तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही बिजली, पानी और सिंचाई में सुधार पर जोर दिया गया है। बजट में गरीब, एससी-एसटी और पिछड़े वर्गों के लिए अलग बजट आवंटित करते हुए अनुसूचित जाति के लिए ₹19,603 करोड़ और जनजाति के लिए ₹1,648 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्य का राजकोषीय घाटा 3 फीसदी से कम रखा गया है, यानी वित्तीय स्थिति संतुलित बनी हुई है। बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार की प्राथमिकता को महत्व देते हुए राष्ट्रीय प्रगति के अनुरूप राज्य को विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार भी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह साझा संकल्प विकसित और आत्मनिर्भर बिहार को मजबूती देगा। बजट में नए विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थापना के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और छात्रवृत्ति योजनाओं को विस्तार दिया गया है। शिक्षा व्यवस्था को रोजगारोन्मुखी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। उन्होने बिहार की जनता के प्रति आभार जताया जिन्होंने इस सरकार को पुनः अपना जनादेश दिया। इससे बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त, समावेशी विकास वाला राज्य बनाने के हमारे सपने को मजबूती मिली।

Related Articles

Back to top button