मई : श्रमिक दिवस विशेष*
1 मई : श्रमिक दिवस विशेष*

विधा:कुंडलियां छंद
जे टी न्यूज
1.श्रमिक देश की रीढ़ है,
करते श्रम दिन रात।
खून स्वेद से सींचते,
कबहुं नहीं उकतात।।
कबहुं नहीं उकतात,
काम में जब जुट जावे।
भवन सड़क निर्माण,
पूर्ण कर खुश हो जावे।।
करि “प्रशांत” कर जोर,
नमन तुमको हे!शामिक,
मिले उचित श्रमदान,
नहीं भूखा रहे श्रमिक।।
2.श्रमिक दिवस हो सार्थक,
कुछ बातें ले जान।
श्रमिक हमारे बंधु है,
दें उनको सम्मान।

दें उनको सम्मान,
काम लें उनसे सादर।
मानवता रख भाव,
करें नहीं कभी अनादर।।
होते विकास की धुरी,
नहीं विचलित होय तनिक,
खून पसीना बहा,
कर्मरत रहते श्रमिक।।
भगवानदास शर्मा “प्रशांत”
शिक्षक सह साहित्यकार
इटावा उत्तर प्रदेश


