गरीबों मजलूमों के मसीहा जाप सुप्रीमो पूर्व सांसद पर जुल्म ढ़ाह रही है सुशासन की सरकारःडाँ एस कुमार।लाँकडाउन का पालन करते हुये जाप कार्यकर्ता ने काला दिवस मनाकर जताया विरोध।
बिनोद कुमार शर्मा
छौड़़ाही(बेगूसराय):-गरीब निःसहाय मजदुरोंं शोषितों पिड़तों के मसीहा जन अधिकार पाार्टी के सुप्रीमोंं पूर्व सांसद राजेेेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर को वर्षों पुराने मुुकदमेें मेें फँँसकर तथाकथित सुशासन की सरकार जुल्म ढ़ाह रही है।उपरोक्त बातेें जाप चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेेश अध्यक्ष डाँ एस कुमार ने कही।डाँँ कुुुमार ने आगे कहा कि जाप के तमाम कार्यकर्ता प्रदेेेश इकाई के आह्वान पर अपने अपने घर में लॉकडाउन का पालन करते हुये काला दिवस के रूप मेेंं मनाया।चुँँकि सुबे की अंधी बहरी सरकार सुनती नहीं है।जाप सुप्रीमो पप्पू यादव जैसे महानायक को बीजेपी नेता के घर छुपे एंबुलेंस की बात को उजागर करने के जुर्म में 30 साल पुराने केस में फंसा कर उन्हें बंद कर दिया गया।जाप नेता ने कहा कि जहां न्यायालय का आदेश है कि कोरना विषम परिस्थिति में लोगोंं की जान बचानी महत्वपूर्ण है।

वैसी परिस्थिति मेंं हमारे नेेता को अरेस्ट कर जेल भेजा गया,और जहां तक हम सभी जानते हैं कि पप्पू यादव का ऐसा जुर्म नहीं था,क्योंकि वह गरीबों की मदद किया करते थे,और हर जगह सरकार की पोल को खोलते थे,लेकिन बीजेपी के दबाव में आकर के सुबे के सीएम नीतीश कुमार इस तरह का कृत्य किये और हमारे नेता को जेल भेज दिया गया।जिसको लेकर के हमलोग आज काला दिवस के रूप में मनायेंं।साथ ही सरकार पर आरोप लगाते हैं कि जिस तरह से सिवान के पूर्व सांसद मो.शाहाबुद्दीन की मौत एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत किया गया है।उसी तरह से पप्पू यादव के पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुये सत्ता पक्ष के लोग घबरा गये और एंबुलेंस चोरों को घर में छुपा कर के जो चोर को पकड़ा उसे जेल भेजने का काम किया।हमें पूर्णरूपेण शक है की बिहार की सरकार पप्पू यादव की हत्या करने का कहीं कहानी तो नहीं रच रहीं हैं।
Edited By :- savita maurya 



