मगांकेविवि में महर्षि पाणिनि ज्ञान वाङ्मय शोधपीठ का कुलपति ने किया उद्घाटन





मगांकेविवि में महर्षि पाणिनि ज्ञान वाङ्मय शोधपीठ का कुलपति ने किया उद्घाटन

जेटी न्युज
मोतिहारी,पू0च0।
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में महर्षि पाणिनि ज्ञान वाङ्मय शोधपीठ का उद्घाटन एवं नामकरण समारोह का आयोजन शनिवार को किया गया । शोधपीठ का लोकार्पण विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा के द्वारा सम्पन्न हुआ । साथ ही विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. जी.गोपाल रेड्डी का भी सानिध्य मिला।स्वागत उद्बोधन केंद्र के समन्वयक डॉ. भवनाथ पाण्डेय ने दिया।

उद्बोधन के दौरान कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने महर्षि पाणिनि के लघु जीवन वृत को सभी के समक्ष रखा तथा अटल बिहारी वाजपेयी लाईब्रेरी में स्थापित इस शोध केंद्र की सराहना भी की । उन्होंने कहा कि इस शोध केंद्र के माध्यम से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से विश्वविद्यालय के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के कौशल विकास को एक नया आयाम मिलेगा। इस केंद्र के माध्यम से सूचना एवं ज्ञान के विभिन्न स्वरुपों का अध्ययन एवं उसपर आधारित वाङ्मय के तथ्यों का सूक्ष्म विश्लेषण सुचारू रूप से हो सकेगा।

केंद्र के समन्वयक एवं पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ भवनाथ पाण्डेय ने बताया की इस शोध केंद्र का उद्देश्य ज्ञान आधारित वाङ्मय का अध्ययन, वर्गीकरण, मूल्यांकन एवं मापन करना है। साथ ही ज्ञान को निर्धारित करने वाले तत्वों का सृजन व उनका मूल्यांकन करना भी है। डॉ. पाण्डेय ने कहा कि भविष्य में केंद्र की योजना ज्ञान-वांग्यमय पर केंद्रित एक शोध पत्रिका के प्रकाशन, सेमिनार, कार्यशाला के आयोजन का है।

कार्यक्रम में ओएसडी प्रशासन प्रो. राजीव कुमार, पुस्तकालय विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. रंजीत कु. चौधरी , डॉ. सपना देवी, डॉ. नरेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शेफालिका मिश्रा, कुलपति की निजी सचिव कविता जोशी की विशेष उपस्थिति रही। साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी केन्द्रीय पुस्तकालय के सदस्य रोबिन, रोहित, शेखर, अनिश समेत अन्य मौजूद रहे।

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