मिड डे मील वर्कर्स (रसोइया) यूनियन के खगड़िया जिला की आम बैठक आगामी 31 अक्टूबर हो होगी आयोजित

मिड डे मील वर्कर्स (रसोइया) यूनियन के खगड़िया जिला की आम बैठक आगामी 31 अक्टूबर हो होगी आयोजित

जे टी न्यूज, खगड़िया: बिहार राज्य मिड डे मील वर्कर्स(रसोइया)यूनियन के खगड़िया जिला की आम बैठक आगामी 31 अक्टूबर 023 को पटना में मानदेय बढ़ोत्तरी के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष आहुत विशाल प्रदर्शन को सफल करने हेतु आज संगठन के जिला अध्यक्ष संजय कुमार के अध्यक्षता में संपन्न हुई।बैठक को संबोधित करते हुए संजय कुमार ने कहा कि स्कूली रसोईया समाज की सबसे निचले तबके से आती है।यही कारण है कि वे स्कूलों में हाड़तोड़ मेहनत कर बच्चों के दोपहर का भोजन बना कर उसे परोसती है।बदले में सरकार खुद उसके बच्चे के भरण पोषण के खातिर उसे महज 1650 रुपया महीना वो भी शाल में मात्र 10 माह के मानदेय देती है।उन्होंने कहा इतने कम मानदेय से स्कूलों में बच्चों का पेट भरने बाली रसोइए के बच्चे ही आज इस महंगाई में भूखे मरने को मजबूर है,जो अमानवीय है।इन वेवस और लाचार रसोइए को समाज भी काफी हेय दृष्टि से देखती है।केन्द्र की मोदी सरकार इस योजना का नाम पिछले दिनों बदल कर मध्याह्न भोजन योजना से बदल कर प्रधानमंत्री भोजन योजना तो कर दिया मगर इस मद में आवंटन काफी कम कर दिया।ऐसे में इन रसोईए के मानदेय वृद्धि की बात तो दूर समय पर मानदेय भुगतान भी नहीं हो रहा है।वहीं बिहार की नीतीश सरकार भी इस वेवस और लाचार रसोइए के प्रति बिलकुल भी संवेदनशील नहीं है।उन्होंने कहा देश में केरला,हरियाणा,कर्नाटक, गोवा,पांडिचेरी और मध्यप्रदेश सहीत कई राज्य सरकारें हैं,जो रसोइए को 3500 रुपए प्रति माह से लेकर 9000 रुपए प्रति माह तक मानदेय देती है,जिसका बड़ा हिस्सा वहां की राज्य सरकार खुद वहन करती है।

हमारा संगठन लगातार इनके मानदेय में तत्काल वृद्धि कर कम से कम केरला सरकार के तर्ज पर 10000 रुपए प्रति माह करने, विशेसावकास,मातृत्व अवकाश,आकस्मिक अवकाश,शाल में एक जोड़ा ड्रेस,भोजन के आलावे दूसरे किसी भी काम लेने खास कर झाड़ू लगाने और सौचालय साफ कराने पर रोक,रिटायर होने या आकस्मीक निधन होने पर आश्रीत को उनके स्थान पर काम की गारंटी और आकस्मिक निधन होने पर आश्रितों को मिलने बाली पारिवारिक सहायतार्थ राशि देने में लेट लतीफी को रोकने की मांग करती रही है।यूनियन की जिला सचिव नीतू देवी ने कहा कि पिछले अप्रैल महीने में हमलोगों ने इन्हीं सवालों पर लगातार तीन दिनों तक बिहार विधान सभा का घेराव किया।सरकार से वार्ता भी हुई,सरकार ने मानदेय वृद्धि का आश्वासन भी दिया मगर अमल नहीं किया।ऐसी स्थिति में हमलोग 2024 के आम चुनाव से पहले केन्द्र एवं बिहार सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने की योजना बना रहे हैं।बैठक को संबोधित करते हुए नीतू देवी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से जिले के सभी बीआरसी स्तर पर कुछ फ्रॉड,दलाल और लुटेरे गिरोह रसोइया की बैठक बुला कर भारत सरकार के नाम पर,हाई कोर्ट के नाम पर,नौकरी पक्की करने के नाम पर और पहचान पत्र बनाने के नाम पर प्रति रसोइया 330 रुपए करके अवैध उगाही बड़े पैमाने पर कर लिया।

जबकि रसोइया के वाजिब हक की लड़ाई में इनका कहीं अता पता भी नहीं है।नीतू देवी ने कहा कि आगामी 31 अक्टूबर 023 को रसोइया तत्काल दस हजार रुपए प्रति माह मानदेय करने,मध्यान भोजन से एनजीओ को तुरन्त हटा कर उसके प्रबंधन की जिम्मेवारी खुद रसोइया के हाथ में देने,अकारण रसोइया को प्रताड़ित करने या हटाने पर रोक एवं रसोइया को हर हाल में माह के प्रथम सप्ताह में मानदेय भुगतान को लेकर पटना में मुख्यमंत्री के समक्ष विशाल प्रदर्शन करेगी।उन्होंने कहा यदि 31 अक्टूबर 023 को बिहार सरकार हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लेगी,तो मजबूरन रसोइया को पूरे बिहार में आगामी 30 नवम्बर 023 से हड़ताल में जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।बैठक में मीरा देवी,कुंती साहू,प्रेमलता देवी,लालबहादुर सिंह,वीना देवी,विमल देवी, पिंकी देवी,अनिता देवी,रानी देवी,मिंटू देवी,नसीमा खातून,हसीना खातून,रिंकू देवी,शारदा देवी,किरण देवी, रेणु देवी,राजेश कुमार,सुनीता देवी,ललिता देवी,खुशबू कुमारी,बबलू यादव,रीता देवी,सीता देवी,अरविंद यादव,दिनेश रजक,संजू देवी,तारा देवी और रुना देवी, रंजू देवी, अरविन्द यादव,विनोद राम,कृष्णा देवी,बिंदु देवी सहित सैकड़ों रसोइया बैठक में शामिल हुई।

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