रेडक्रोस सोसाइटी ने स्कूली बच्चों को सीपीआर ट्रेनिंग दिया

रेडक्रोस सोसाइटी ने स्कूली बच्चों को सीपीआर ट्रेनिंग दिया

 

जे टी न्यूज, कटिहार: भारतीय रेडक्रोस सोसाइटी कटिहार शाखा ने अधीन अजबलाल मांझी चिल्ड्रन्स अकादमी, फसिया में स्कूली बच्चों को सीपीआर ट्रेनिंग दिया गया। यह कार्यक्रम का उद्घाटन रेडक्रोस चेयरमैन अनिल चमरिया, वाईस चेयरमैन डॉ रंजना जी, सचिव संतोष गुप्ता एवं स्कूल के प्राचार्य सुनील सिंहा ने संयुक्त रूप से किया। श्री चमरिया ने बच्चों को संबोधित करते हुए सीपीआर के बारे ने बताया । उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस विश्व के 210 से ज्यादा देशों मे 24 घंटे सेवा का कार्य करती है। सचिव संतोष गुप्ता ने समाज मे रेडक्रोस द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में बताते हुए कहा कि सीपीआर ट्रेनिंग से बच्चे भी किसी की जान बचा सकते है। उन्होंने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। ट्रेनिंग देते हुए डॉ रंजना झा ने कहा कि दिल की घातक बीमारियों में ‘हार्ट अटैक’ और ‘कार्डिएक अरेस्ट’ मुख्य रूप से शामिल है। हार्ट अटैक के दौरान तो बचने की संभावनाएं अधिक होती हैं,

लेकिन कार्डिएक अरेस्ट के दौरान मौके बेहद कम होते हैं। ऐसे में समय रहते अगर मरीज को उपचार नहीं मिला, तो मरीज की जान चली जाती है। सीपीआर ट्रेनिंग के लिए आये डॉक्टर सुरभि एवं डॉक्टर जय ने कहा कि कई बार सुविधाओं के अभाव में समय पर उपचार नहीं मिलता पाता। ऐसे में इमरजेंसी के दौरान कार्डिएक अरेस्ट के शिकार मरीज को समय रहते सीपीआर देकर बचाया जा सकता है। उन्होने कहा कि कार्डिएक अरेस्ट एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी कंडिशन है जिसमें हार्ट अचानक काम करना या धड़कना बंद कर देता है। ऐसे में अगर आसपास खड़ा कोई व्यक्ति ऐंबुलेंस आने से पहले पीड़ित व्यक्ति को सीपीआर दे दे तो मरीज की जान बच सकती है। डॉ रंजना झा ने भी अपने संबोधन में बच्चों को सीपीआर को बेहतर ढंग से समझने की बात कही ताकि वो घर जाकर लोगों को भी इसके महत्व को समझा सकें। संतोष गुप्ता ने शिक्षकों एवं अविभावकों को भी इसे समझने की आवश्यकता बताई और कहा कि प्रत्येक स्कूल मेंकैसे प्रोग्राम किये जाने चाहिए।

इस मौके पर प्रबंध समिति सदस्य मनोज गुप्ता एवं अमित जायसवाल उर्फ़ विक्की जायसवाल, छात्र चिकित्सक अंकुर झा भी उपस्थित थे। इस प्रक्षिक्षण शिविर में विद्यालय के प्राचार्य सुनील सिंहा एवं एडमिनिस्ट्रेटर जवाहर देव के साथ शिक्षकगण ने इस ट्रेनिंग के बाद रेड क्रॉस की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह ट्रेनिंग बच्चों के लिए बहुत ही लाभकारी है। इसके लाभ स्वरूप बच्चे कभी आवश्यकता पड़ने पर किसी का जीवन बचा सकते हैं।

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