केजरीवाल को विशेषाधिकार समिति का नोटिस राजनीति से प्रेरित: आदित्य लाल
केजरीवाल को विशेषाधिकार समिति का नोटिस राजनीति से प्रेरित: आदित्य लाल
जे टी न्यूज, पटना:
आम आदमी पार्टी से पूर्णिया सदर के पूर्व प्रत्याशी रहे युवा अधिवक्ता आदित्य लाल ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति द्वारा जारी नोटिस की कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग करते हुए कहा कि जब अरविंद केजरीवाल को समिति के समक्ष बुलाया जाए तो पूरी कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया जाए, ताकि जनता सच्चाई देख सके।
आदित्य लाल ने कहा कि Delhi Legislative Assembly की विशेषाधिकार समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल को विधानसभा परिसर में कथित फांसी घर से जुड़े मुद्दे पर समन भेजा है, जो पूरी तरह अनुचित है।

उन्होंने बताया कि जब दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष Ram Niwas Goel बने और विधानसभा भवन के कई कमरों का नवीनीकरण कराया जा रहा था, तब एक छिपा हुआ कमरा मिला, जिसमें रस्सियां और कांच की गोलियां पाई गईं। उनके अनुसार अंग्रेजी हुकूमत के समय इस कमरे का इस्तेमाल गुप्त रूप से मौत की सजा देने के लिए किया जाता था।
आदित्य लाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने उस स्थान को जनता के लिए खोलने का निर्णय लिया था, ताकि लोग इतिहास से रूबरू हो सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सरकार यह कह रही है कि अंग्रेज वहां भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी नहीं देते थे, जो इतिहास से आंखें मूंदने जैसा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि केजरीवाल ने अपने कार्यकाल में कई स्थानों का उद्घाटन किया है, तो क्या अब सरकार हर उद्घाटन के लिए उन्हें बुलाकर पूछताछ करेगी?

आदित्य लाल ने कहा कि दिल्ली में पानी, बिजली, सड़क और निजी स्कूलों की समस्याएं गंभीर हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय फांसी घर के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री को समन भेजने में लगी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज दिल्लीवासी गंदे पानी, टूटी सड़कों और बढ़ते प्रदूषण से परेशान हैं, लेकिन इन समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।




