रोसड़ा डीसीएलआर की गिरफ्तारी पर सियासत गरम, अप्पन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उठाए बड़े सवाल
रोसड़ा डीसीएलआर की गिरफ्तारी पर सियासत गरम, अप्पन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उठाए बड़े सवाल

जेटी न्यूज , समस्तीपुर: रोसड़ा की भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) कंचन कुमारी झा को कथित तौर पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किए जाने और उनके सरकारी आवास से करीब 13 लाख रुपये नकद मिलने की सूचना के बाद जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। निगरानी की कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया तेज हो गई है।
इसी मामले को लेकर अप्पन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर के राय ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी जिले के अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार के मामले में निगरानी के शिकंजे में आते हैं, तो इसकी जवाबदेही केवल संबंधित अधिकारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “समस्तीपुर जिले में यदि कोई अधिकारी निगरानी के हाथों रिश्वत लेते पकड़ा जाता है, तो यह जांच का विषय होना चाहिए कि उसके स्तर पर भ्रष्टाचार का इतना साहस आखिर किसके संरक्षण में विकसित हुआ। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे मामलों में संबंधित जिलाधिकारी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो।”
अप्पन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उनका आशय किसी अधिकारी को बिना जांच दोषी ठहराने से नहीं है, बल्कि जवाबदेही की पूरी श्रृंखला की जांच से है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधीनस्थ अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार की शिकायत सही पाई जाती है, तो यह भी देखा जाना चाहिए कि उसके कामकाज की निगरानी करने वाले उच्चाधिकारियों ने समय रहते शिकायतों और अनियमितताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
उन्होंने पुलिस विभाग को लेकर भी इसी तरह की व्यवस्था की मांग की। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की नीति तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब कार्रवाई केवल निचले स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही ऊपर तक तय हो।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि भ्रष्टाचार के मामलों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की व्यवस्था की जाए तथा जहां भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही या संरक्षण की बात सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो।
गौरतलब है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार निगरानी विभाग ने शिकायत के सत्यापन के बाद रोसड़ा स्थित डीसीएलआर के सरकारी आवास पर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान नकदी, दस्तावेज और अन्य कागजात की जांच की जा रही है। नकदी की बरामदगी और अन्य आरोपों की आधिकारिक पुष्टि तथा विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
राय ने कहा कि “भ्रष्टाचार मुक्त बिहार” केवल नारे से नहीं, बल्कि निष्पक्ष कार्रवाई और जवाबदेही की मजबूत व्यवस्था से बनेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले को एक अधिकारी की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही के नजरिए से देखा जाए।

