राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर का उद्घाटन समाज सेवा के माध्यम से स्वयंसेवक के व्यक्तित्व का विकास : डॉ.लक्ष्मण यादव
राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर का उद्घाटन
समाज सेवा के माध्यम से स्वयंसेवक के व्यक्तित्व का विकास : डॉ.लक्ष्मण यादव
जे टी न्यूज़, बेगूसराय: राष्ट्रीय सेवा
योजना इकाई, अयोध्या प्रसाद सिंह स्मारक महाविद्यालय,बरौनी के तत्वावधान में सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन दीप प्रज्वलन, स्वागत गान, लक्ष्य गीत व अतिथियों का स्वागत व सम्मान से प्रारम्भ हुआ. कार्यक्रम का संचालन, विषय प्रवेश व गोद लिए गए गांव हाजीपुर(असुरारी) में होने वाले प्रोजेक्ट कार्य की रूपरेखा एन एस एस ,कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रामागर प्रसाद ने प्रस्तुत किया व स्वागत भाषण डॉ.नन्द किशोर पंडित ने किया. उद्घाटन सत्र की अध्यक्षताकरते हुए प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से स्वयंसेवक सृजनात्मक और रचनात्मक सामाजिक कार्यों को करने के साथ -साथ व्यक्तित्व का विकास करते हैं और कर्म व सेवा भाव से समाज में अलख जगाते हैं.गांव,समाज व समुदाय में स्वयं को रोजगारोन्मुख बनाते हैं.मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.) राम अवधेश कुमार ने कहा छात्रों को समाज सेवा से जुड़कर ही अध्ययन का कार्य पूरा करना चाहिए . प्रो.(डॉ.) अमरेश शांडि डल्य,पूर्व प्रधानाचार्य ने कहा विशेष शिविर का उद्देश्य स्वच्छता,स्वास्थ्य,पर्यावरण संरक्षण, लाचार व असहाय की मदद व नैतिक मूल्यों का विकास होना चाहिए. डॉ अरमान आनंद ने कहा कि एन.एस.एस.के माध्यम से दबे कुचले,वंचित और सुविधाविहीन जनों तक विकास होना चाहिए.
रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ.लक्ष्मण यादव,जिला नोडल पदाधिकारी,एन एस एस,समस्तीपुर ने कहा- एन एस एस ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम स्वयंसेवक सामाजिक,सांस्कृतिक नैतिक, बौद्धिक व राष्ट्रीयता को सीखते व समझते हुए एक सफल नागरिक बनते हैं. उन्होंने एन एस एस के लक्ष्य,उद्देश्य,प्रतीक चिह्न,बैज,आदर्श वाक्य स्वयंसेवकों के कर्तव्य,अचारसंहिता इत्यादि को विस्तार से बताया. साथ ही राज्य स्तरीय,राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शिविरों में भाग लेकर एन.एस.एस. को बहुत करीब से आत्मसात करते हैं.

डॉ.राघवेंद्र ने कहा कि स्वयंसेवकों में करुणा का भाव होना चाहिए तभी वे संवेदनशील होकर समाज की सेवा कर सकते हैं. मौके पर डॉ.सुशील कुमार,डॉ.रीता कुमारी,डॉ.भारती कुमारी,स्वयंसेवकों गुड़िया,स्तुति,मुस्कान,छोटी,अमीषा,प्रीति,स्नेहा,रूचि,निधि,विकास,अमीष,गुड्डू इत्यादि ने सक्रिय रूप से भाग लिया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ.नन्दकिशोर पंडित ने किया.
