बंदरबांट के फेर में मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाईट योजना, करोडों खर्च के बाद भी सडकों पर कायम अंधेरा

बंदरबांट के फेर में मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाईट योजना, करोडों खर्च के बाद भी सडकों पर कायम अंधेरा
जेटी न्यूज।


समस्तीपुर। मुख्यमंत्री नितीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट योजना पूरी तरह कमाउ हाथी बन कर रह गया है। जिससे मंत्री, पदाधिकारी से आपूर्तिकर्ता और वार्ड सदस्य तक की कमाई तो हुई मगर कमाई के चक्कर में गुणवत्ता की अनदेखी का परिणाम है कि स्थापित होने के बाद से आधे से अधिक या तो बंद हैं, या सुर्य की रोशनी में जलते हैं और रात होते ही बंद हो जाते हैं। कई जगह उनका सही तरीके से मेंटेनेन्स नहीं हो पा रहा है। जिले के विभिन्न प्रखण्डों से मिल रही जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट की वास्तविकता यही है कि इन लाईटों के लगने से लोगों को जो खुशी मिली वह महज कुछ घंटे या दो चार दिनों में ही काफूर हो गई और स्थापना के कुछ घंटे बात या अगले दिन ही लाइट खराब होने से गांव अंधकार में नजर आने लगे। हमारे संवाददाता ने समस्तीपुर प्रखंड के केवस निजामत का भ्रमण कर वस्तु स्थिति की जानकारी लेने के बात बताया कि यहां के कुल 12 वार्ड में 130 लाइट लगाये गये। लगने के कुछ दिन बाद ही तीन दर्जन से अधिक लाइट खराब हो गये, शेष बचे लाइट में से कुछ आधी रात को ही बंद हो जाते हैं तो कुछ लाइट दिन में जलते हैं और रात को बंद हो जाते हैं। अब तो ग्रामीण भी लाइट की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करने लगे हैं। 130 में से 40 से अधिक लाइट खराब होने के बारे में पूछे जाने पर स्थानीय मुखिया राजीव कुमार राय ने इसकी सूचना पंचायती राज पदाधिकारी को देने बात कह कर पल्ला झाड लिया, वहीं इस बाबत पूछे जाने पर डीडीसी संदीप शेखर प्रियदर्शी ने कहा कि स्ट्रीट लाईट को ठीक कराने केलिए आदेश देने के बाद उसे ठीक नहीं कराया गया इसकी हम जांच करवा कर जो भी दोषी होंगे उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी और जल्द से जल्द इसे ठीक किया जाएगा।

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