44 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन कोर्ट भवन का कार्य जारी

44 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन कोर्ट भवन का कार्य जारी

जे टी न्यूज़, निर्मली (सुपौल)। अनुमंडल मुख्यालय में अनुमंडल स्तरीय व्यवहार न्यायालय शुभारंभ करने हेतु राज्य सरकार द्वारा 15 कोर्ट भवन,180 कैदी हाजत, इम्यूनिटी सेंटर, कैंटिंग, एडवोकेट इंतजार कक्ष आदि भवन निर्माण हेतु 4 अक्टूबर 2024 को, 44 करोड़ की लागत पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह एवं जिलाधिकारी कौशल कुमार ने भूमि पूजन कर शिलान्यास करते हुए कार्यारंभ कराया था। निर्माण कार्य बहुत तीव्र गति से चल रहा है कार्यस्थल पर 60% से अधिक कार्य हो चुका है। भवन निर्माण कार्य एवं पूर्व निर्मित न्यायिक अधिकारियों के आवासीय भवन का सर्वेक्षण करने के बाद निर्माणाधीन कोर्ट प्रांगण में कई अधिवक्ताओं और कार्य एजेंसी के कर्मियों यथाकि निर्मली सब डिविजनल कोर्ट के वरीय अधिवक्ता, स्थानीय संघ के पूर्व अध्यक्ष और अनुमंडल व्यवहार न्यायालय आदि की स्थापना के लिए माननीय पटना हाईकोर्ट में 2016 में सीडबलूजेसी 16148 और 2022 में एमजेसी वाद 1235/2022 के याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता रामलखन प्रसाद यादव ने बताया कि कड़ी मेहनत और लंबी लड़ाई के बाद राज्य सरकार को निर्मली में अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, अधिकारियों के आवासीय भवन और कारा भवन आदि निर्माण के लिए राज्य सरकार को विवस होना पड़ा। माननीय हाई कोर्ट की डिवाइस सदस्य पीठ में 4 अप्रैल 2024 को राज्य सरकार को आदेश दिया कि 18 महीने के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करें कोर्ट के आदेशानुसार 31 दिसंबर 2025 तक निर्माण कार्य को पूर्ण कर देना है। इस कार्य को धरातल पर उतारने में स्थानीय अधिवक्तागण, पत्रकार, प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी, पटना हाईकोर्ट के विद्वान अधिवक्ता अरविंद कुमार एवं प्रमोद कुमार यादव सहित विभिन्न स्तरों के लोगों से आंदोलनात्मक और मानवीय सहयोग मिला जबकि संघ के ऐकछिक कोष की राशि से दोनों केस दायर किया गया जबकि 8 वर्षों तक न्यायिक कोर्ट के लिए प्रयासरत याचिकाकरता श्री यादव ने अन्य खर्च व्यक्तिगत रूप से स्वयं वहन किया। विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता श्री यादव ने बताया की 18 फरवरी 2023 को 12 न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय भवन का शिलान्यास हुआ जो बनकर तैयार है जबकि उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा की 2022 में ही निर्मली अनुमंडल अंतर्गत एक मुंसीफ और एक सबजज का राज्य सरकार द्वारा पद सृजित किया जा चुका है लेकिन अभी तक पदस्थापन नहीं नहीं हो पाया उन्होंने कहा कि कोर्ट लाने के लिए अब उन लोगों के स्तर से पुन: आंदोलन जारी होगा। वही स्थानीय के ट्रेजरर सह अधिवक्ता विजय कुमार साहू ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए अधिवक्ताओं की टीम लगातार निर्माण स्थल पर कार्यों का मुआईना करते रहे हैं। संघ के उपाध्यक्ष सह अधिवक्ता गुलाबचंद्र यादव ने कहा कि संघ के पूर्व अध्यक्ष और वरीय अधिवक्ता रामलखन प्रसाद के अगुवाई में हम सभी अधिवक्ताओं के सहयोग से व्यवहार न्यायालय आदि भवन को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। वहीं अधिवक्ता परमानंद सिंह ने कहा की पद पर रहते हुए पूर्व अध्यक्ष सह अधिवक्ता रामलखन प्रसाद यादव जी ने विधिक संघ को भी सुदृढ़ और सुसज्जित कर दिया जिससे अधिवक्ताओं को बैठने और कार्य करने में पूर्ण सुविधा मिल पा रही है। निर्माणाधीन कार्यों के पूर्ण करने के सवाल पर स्थानीय अधिवक्ताओं की उपस्थिति में निर्माण स्थल पर कार्य एजेंसी बिल ट्रैक कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक कार्य को अंतिम रूप दिया जा सकेगा जिसके लिए तीव्र गति से कार्य जारी है। वही स्थानीय डॉ रामप्रसाद यादव,रामकिशन यादव,देवप्रकाश यादव, रामचंद्र यादव, अन्य लोगों ने बताया निर्मली प्रखंड के लोगों को कोर्ट के कार्य से 80किमी दूर वीरपुर जाना पड़ता था जो अब निर्मली मुख्यालय में ही मुकदमों की निबटारा भविष्य में होगी ये बड़ी खुशी की बात है , निर्मली में नवनिर्मित कोर्ट शुरू होने से मरौना और निर्मली के लोगों अब सुपौल या वीरपुर जाने की परेशानी कम हो जाएगी।

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