श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का उमड़ा भीड़

श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का उमड़ा भीड़ जे टी न्यूज, खगड़िया: श्री श्री 1008 श्री मद भागवत सप्ताहिक कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का भीड़ उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा आस्था लवरेज उत्साह पूर्वक जय श्री कृष्णा का जय घोष करते दिखा। कथावाचक सीताराम शास्त्री महाराज ने श्री कृष्ण के जीवन वृत्त पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री कृष्णा सच्चे अर्थों में क्रांति वीर कर्म योद्धा कर्मयोगी राजनीतिज्ञ कूटनीतिज्ञ न्यायाधीश थे जिन्होंने सच्चे अर्थों में सबका साथ सबका सम्मान सबका संरक्षण सबका सहयोग देने का परोपकारी कार्य किया। उन्होंने द्रोपदी की लाज बचाई। गरीब सुदामा को सम्मान दिया। प्रीत विधवा गरीबों को गोवर्धन पर्वत के गुफा में संरक्षण देने का काम किया। उन्होंने अन्य के खिलाफ अनवरत संघर्ष किया। उन्होंने शोषित पीडित वंचित गरीब का सच्चे अर्थों में सम्मान संरक्षण संवर्धन करने का कार्य किया। कथावाचक ने भागवत कथा के माध्यम से कई संदर्भ को रेखांकित करते हुए श्री कृष्ण की भूमिका को रेखांकित करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि कर्म से बड़ा कोई पूजा नहीं है। उन्होंने समकालीन सामाजिक संदर्भ में घटित घटनाओं की तुलना करते हुए कहा कि आज समाज का संस्कार नैतिकता इमान इंसानियत का पतन हो रहा है। हमें श्री कृष्ण के जीवन दर्शन से सीख लेने की जरूरत है तभी हमारे समाज में व्याप्त उच्च नीच भेदभाव विषमता सामाजिक बुराइयां कुर्तियां समूल समाप्त होगी। श्री कृष्ण ने भी समानता का अधिकार के लिए संघर्ष करने को पांडव को प्रेरित किया और अंततः न्याय की जीत हुई। आज कौरव दुर्योधन दुशासन जैसी मानसिकता बढ़ते जा रही है। आज चहुंओर द्रौपदी की लाज भंग हो रही है। उन्हें न्याय नहीं मिल पा रही है, आज श्री कृष्ण अर्जुन भीम की जरूरत है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सदर विधायक छत्रपति यादव, देश बचाओ अभियान के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव, महासचिव उमेश ठाकुर, प्रवक्ता गुड्डू ठाकुर, संयोजक मधुबाला, बालकृष्ण, रामप्रवेश यादव, अरुण यादव, आदि ने भाग लिया। सरवन कुमार ने मंच संचालन किया।
इधर, समाजसेवी किरण देव यादव ने कहा कि श्री कृष्ण शोभा यात्रा धूमधाम से निकाला जाएगा , जिसमें सभी सैकड़ों की संख्या में कृष्ण अनुयाई भाग लेंगे।
सदर विधायक छत्रपति यादव ने कहा कि श्री कृष्ण के जीवन दर्शन से हमें सीख लेने की जरूरत है। श्री कृष्ण के क्षमा त्याग बलिदान तप ज्ञान, मानवीय संवेदना कल्याण, परोपकारी गुण अनुकरणीय है।

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