पृथ्वी दिवस के अवसर पर
पृथ्वी दिवस के अवसर पर

जे टी न्यूज़
इस पावन सुन्दर धरा पर झील, झरने,
सागर, नदियाँ कलकल बहती है,
दरख्त पल्लवित होते हैं फसलें लहलहाती है
वसुधा हमें अन्न जल हमें देती है।
जिस तरह माँ अपने बच्चों का
पालन-पोषण करती है
उसी तरह पावन धरती माँ,
हम सबको जीवन प्रदान करती है।
बदले में धरती माँ हमसे कुछ नहीं माँगती है।
अनंत पीड़ा,अनंत संताप सहती है
हँसती मुस्कुराती धरा आज रोती है
अमूल्य संपदा पृथ्वी से विलुप्त हो रहा है।
आक्सीजन कम हो रहा है
ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है,
आज प्राकृतिक संसाधन का हो रहा है
अनियंत्रित दोहन।
इससे उपजाऊ धरती बन रहा है मरूस्थल वीरान।
कहीं अंधाधुंध वृक्ष कटाई तो कहीं खनन,
कूड़े-कचड़े के अंबार से फैल रहा है प्रदूषण,
आज संकट में है जलीय थलीय जन-जीवन,
आओ जीवनदायिनी धरती माता को बचाएँ ,
आओ हमसब मिलकर पेड़ -पौधे लगाएँ।।
स्वरचित
अनुपमा सिंह सोनी


