जातिवाद से ग्रसित जयनगर में नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर विजयी होकर दिया कुशलता का परिचय
जे टी न्यूज, जयनगर(मधुबनी);
जयनगर के प्रसिद्ध व्यवसायी, समाजसेवी और कुशल राजनेता सुनील कुमार बैरालिया उपाख्य पप्पू बैरालिया का निधन हो गया है। उनके निधन से जयनगर का व्यावसायिक और राजनीतिक समाज में शोक की लहर है। जातिवाद से ग्रसित जयनगर जैसे जगह पर वे कई बार वार्ड पार्षद रहे और पाँच वर्षों तक उनकी पत्नी चंदा देवी बैरालिया 2007-12 तक जयनगर नगर पंचायत की अध्यक्ष/मुख्य पार्षद रही, जो उनके राजनीतिक और रणनीतिक कौशल को दर्शाता है। जयनगर जैसे जगह जहाँ मारवाड़ी-देसवाली जैसे विभाजन के साथ ही स्थानीय लोगों में अगड़ा-पिछड़ा, दलित-ओबीसी, अगड़ा-दलित, ओबीसी-दलित, दलित-गैर दलित, पासवान-गैर पासवान समेत और भी कई तरह के विभाजन कर राजनीति की जाती है, वैसे जगह उन्होंने कई धुरंधरों को मात देकर राजनीतिक परचम लहराए थे। जयनगर नगर पंचायत में कुल 14 वार्डों में से वार्ड संख्या- 08 ही मारवाड़ी बहुल है, इसके बावजूद सुनील उपाख्य पप्पू बैरालिया न केवल वार्ड- 08 से विजयी होते रहे बल्कि 2007 में वे वार्ड संख्या- 06 से भी विजयी रह चुके थे। उसी वर्ष उनकी पत्नी वार्ड संख्या- 08 से निर्वाचित हुई थी और जातिवादी राजनीति को पराजित करते हुए वे जातिवादियों के गणित को धड़ाम करते हुए 2007 में अपनी पत्नी को मुख्य पार्षद/अध्यक्ष पद पर निर्वाचित करवा दिये थे।जयनगर नगर पंचायत में सबसे महत्त्वपूर्ण और सबसे विकसित क्षेत्र वार्ड संख्या- 08 ही है और इसका सबसे बड़ा श्रेय पप्पू बैरालिया को ही जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई कार्य किये। जयनगर में सबसे पहले 2017 में पूरे मुहल्ले में सीसीटीवी कैमरा से निगरानी उनके ही वार्ड में शुरू हुआ। इस सबके बावजूद उनके विरोधी उनका दुष्प्रचार करते रहे और इसी दुष्प्रचार का परिणाम रहा कि 2022 के नगर पंचायत चुनाव में वे पराजित हो गए और इसका एहसास वार्ड संख्या- 08 के लोगों को कुछ दिनों बाद ही होने लगा जब वार्ड- 08 की स्थिति नारकीय हो गई। पिछले ढ़ाई वर्षों में वार्ड- 08 स्लम बन गया है जयनगर नगर पंचायत में सबसे खराब स्थिति इसी वार्ड की है। वार्ड- 08 की जनता आज भी उनके कार्यों के लिए उन्हें याद करती है और 2022 में पप्पू बैरालिया को चुनाव में नहीं निर्वाचित करने के लिए अफसोस कर रही है और माथे पीट रही है। आज पिछले ढ़ाई वर्षों में वार्ड- 08 नर्क जैसा बन गया है और लोगों के सामने पछतावे के अतिरिक्त और कुछ नहीं है।
सुनील कुमार उपाख्य पप्पू बैरालिया के निधन से जयनगर में मारवाड़ी समाज के सबसे बड़े नेता और व्यवसायियों की आवाज रिक्त हो गई है। आज वार्ड- 08 राजनीतिक रूप से ‘अनाथ’ हो गया है क्योंकि ‘रबर स्टाम्प’ से कोई कार्य नहीं होता। वैसे 2022 में ही जयनगर नगर पंचायत का वार्ड संख्या- 08 व्यवहारिक रूप से ‘अनाथ’ हो चुका था और इसकी टीस इस वार्ड के लोगों को आज भी है। उनके निधन पर उनके शुभचिंतकों ने शोक व्यक्त किया है।



