बरौनी डेयरी को बचाना है,लुटेरा एम डी को भगाना है।
बरौनी डेयरी को बचाना है,लुटेरा एम डी को भगाना है।
जे टी न्यूज, अलौली :
बरौनी डेयरी को बचाना है,लुटेरा एम डी को भगाना है।
बिहार विधान सभा और विधान परिषद में सवाल उठने पर विभागीय मंत्री ने गलत बयानी कर एम डी को बचाया।
आसमान छूती मंहगाई के बावजूद किसानों के दूध की कीमत में 1 रु की वृद्धि ऊंट के मुंह में जीरा के समान।
दूध उत्पादकों के सामने डेयरी बचाने के लिए संघर्ष के सिवा कोई रास्ता नहीं।
किसान आंदोलन के सामने मोदी सरकार झुकी।आंदोलन से डेयरी के लुटेरों को भी भगाएंगे।
झारखंड के नाम पर 30000 से 40000 लीटर दूध का उठाव कर समस्तीपुर डेयरी के बाजारों में बेचकर 4 रु प्रति लीटर भाड़ा के नाम पर हर रोज लगभग डेढ़ लाख रुपए की फर्जी निकासी एम डी और डीलर मिलकर घोटाला करता हैं।झारखंड के नाम पर सिर्फ भाड़ा का ही फर्जी भुगतान नहीं हो रहा है बल्कि दूध के पैकेट पर 2 रु अधिक अंकित कर करोड़ों रूपये का वारा-न्यारा रोज हो रहा है। सालाना 5 से 7 करोड़ रुपए की लूट सिर्फ इस मद में हो रहा है। इसी प्रकार डेयरी के हर गतिविधियों में भयानक घपलेबाजी हो रहा है। नतीजा है की बिक्री बढने के बावजूद वर्तमान एम डी के कार्यकाल में पहली बार बरौनी डेयरी घाटे में चल रही है।इनके कार्यकाल में घटिया उत्पाद बाजारों में बेचने के चलते सुधा के बाजारों में बरौनी डेयरी की प्रतिष्ठा भी गिरी है।उक्त बातें बरौनी डेयरी के पूर्व अध्यक्ष मोहन मुरारी सिंह ने दूध उत्पादकों एवं समिति के अध्यक्षों,सचिवों के कंवेंशन को संबोधित करते हुए कहीं। बिहार के वरिष्ठ किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह ने किसान कंवेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि बखरी विधायक श्री सूर्यकांत पासवान
और विधान पार्षद श्री संजय सिंह ने विधानसभा एवं विधान परिषद में विस्तार से बरौनी डेयरी में हो रही लूट की चर्चा की, मगर लूट के पैसे से मंत्री और कम्फेड के अधिकारियों का मुंह भरा होने के कारण बगैर जांच के मंत्री ने सदन में अपने गलत ब्यान से सदन को गुमराह किया और एम डी को क्लीन चिट दे दिया। 3 वर्षों से डेयरी में कोई आम सभा नहीं हुआ, निदेशक मंडल का बिना निर्णय प्रबंध निदेशक डेयरी का सारा फैसला स्वयं ले रहा है। इसलिए बरौनी डेयरी को लूटकर उसे बंद कराने की साजिश के खिलाफ सभी समिति के अध्यक्षों, सचिवों एवं दूध उत्पादकों को दिल्ली के तर्ज पर आंदोलन खड़ा करना होगा। तभी बरौनी डेयरी बचेगी। बरौनी डेयरी को लूट का अड्डा किसी भी कीमत पर बनने नहीं दिया जाएगा। कंवेंशन को संबोधित करते हुए बरौनी डेयरी निदेशक मंडल के सदस्य दीपक कुमार ने कहा की दूध उत्पादकों के सभी ग्रेड दूध की कीमत में 10 रु प्रति लीटर बढ़ाया जाए,दूध उत्पादकों को प्रतिदिन दूध पर कम से कम 10 रु सरकार सब्सिडी दे। बरौनी डेयरी का आम सभा अविलंब बुलाया जाए।सुधा दाना पर 5 रु अनुदान किया जाए। बरौनी डेयरी कैंपस में समिति के अध्यक्षों, सचिवों एवं आम किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था हो। बरौनी डेयरी के बोर्ड का फैसलानुसार बीमार पशुओं का इलाज हेतु 100 रु फीस पर 3 घंटा के भीतर इलाज की गारंटी हो। सरकार से मुफ्त में ज्वार सुडान का बीज बरौनी डेयरीको मिला परंतु अधिकांश समितियां को बीज देखने को भी नहीं मिला, इसकी जांच हो और दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई हो।
20 वर्षों से लीन सीजन में चार रुपया प्रति लीटर की दर से 90 दिनों का अनुदान लीन प्रोत्साहन राशि मिलता था, उसे पुनः चालू किया जाए। मूल्यांतर और बोनस सभी किसानों, समितियां और कर्मचारियों को मिलता था, उसे पुनःचालू किया जाए।
बरौनी डेयरी प्रबंधन के द्वारा बड़े पैमाने पर हो रहे घपले घोटालों की अविलंब जांच हो और दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई किया जाए। 60 साल की उम्र से सभी पुरुष एवं महिला दूध उत्पादकों को 10,000 रु मासिक पेंशन दिया जाए आदि मांगों को लेकर बरौनी डेयरी के समक्ष विराट आंदोलन खड़ा करना होगा,तभी दूध उत्पादक किसानों और समिति की समस्याओं का निदान होगा। किसान कंवेंशन की अध्यक्षता नरेश सदा ने की
किसान कंवेंशन को अरुण कुमार आजाद,अरुण कुमार यादव,मिथिलेश कुमार,सुलो यादव,भूषण यादव,रामनरेश सिंह,राजीव कुमार सिंहा,मनटून कुमार,अरविंद यादव,नवीन यादव,निरंजन यादव,रामनिवास यादव,विकास कुमार, अमरजीत कुमार,अजय यादव आदि ने भी संबोधित किया।


