बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की प्रथम वर्षगांठ पर जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की प्रथम वर्षगांठ पर जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जे टी न्यूज़, कटिहार:

बिहार सरकार के महिला एवं बाल विकास निगम के निर्देश पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को जिलेभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जनचेतना बढ़ाना तथा बच्चों के अधिकारों और उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना है।

कई प्रखंडों में जागरूकता रैली, सभा और शपथ ग्रहण समारोह

कार्यक्रम की श्रृंखला के तहत विभिन्न विद्यालयों और पंचायत भवनों में जागरूकता सभाएँ आयोजित की गईं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—

प्राणपुर प्रखंड : उत्क्रमित मध्य विद्यालय जैनिया, बस्तौल

कटिहार प्रखंड : उत्क्रमित मध्य विद्यालय दलन टोला हाजीपुर

अहमदाबाद प्रखंड : उत्क्रमित मध्य विद्यालय जंगला टाल

आजमनगर प्रखंड : आदर्श मध्य विद्यालय आजमनगर, उच्च मध्य विद्यालय निमोल, मध्य विद्यालय हाउसपुर, मध्य विद्यालय आलमपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दनियाँ

कोढ़ा प्रखंड : रामपुर पंचायत का सरकार भवन

इन विद्यालय स्तरीय आयोजनों में शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों व अभिभावकों को कम उम्र में विवाह के दुष्परिणाम, बाल श्रम के नुकसान और शिक्षा के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागियों ने समाज में जागरूकता फैलाने और बाल विवाह-श्रम उन्मूलन में सहयोग का संकल्प लिया।

कवच परियोजना की टीम की सक्रिय भागीदारी

इन कार्यक्रमों में कवच परियोजना के तहत तटवासी समाज न्यास के प्रखंड समन्वयक गोपल कुमार, प्रदीप कुमार और ममता कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छात्रों से संवाद करते हुए बाल संरक्षण कानून, सरकारी योजनाओं तथा शिक्षा से मिलने वाले अवसरों के बारे में सरल भाषा में जानकारी साझा की।

विद्यालयों में रैली, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और जागरूकता गीतों जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित हुईं, जिनसे बाल विवाह विरोधी चेतना मजबूत हुई।

प्राणपुर थाना परिसर में भी विशेष शपथ ग्रहण

इसी क्रम में प्राणपुर थाना परिसर में भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, थानाध्यक्ष, चौकीदार, स्थानीय ग्रामीण और कवच परियोजना की प्रखंड समन्वयक ममता कुमारी उपस्थित थीं।

सभी ने बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करें तो इन बुराइयों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

अधिकारियों का संदेश—“साझेदारी से ही बच्चों का संरक्षण संभव”

अधिकारियों ने उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामीणों को कन्या विवाह निषेध अधिनियम, बाल श्रम निषेध अधिनियम, और बाल अधिकारों से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा तभी सुनिश्चित हो सकती है जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर कार्य करें।

अभियान से बदल रहा है सामाजिक वातावरण

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पूरे प्रदेश में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित वातावरण निर्माण और सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। यह अभियान न केवल जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि समुदाय को जोड़कर बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं को मिटाने की मजबूत आधारशिला भी तैयार कर रहा है।

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