डीएम ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, अव्यवस्था पाये जाने पर जताई नाराजगी

कई कर्मियों के वेतन पर लगाई रोक

डीएम ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, अव्यवस्था पाये जाने पर जताई नाराजगी

कई कर्मियों के वेतन पर लगाई रोक

जे टी न्यूज, सासाराम (रोहतास) जिलाधिकारी रोहतास श्रीमती उदिता सिंह द्वारा शुक्रवार देर शाम सदर अस्पताल सासाराम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ट्रामा सेंटर सहित अस्पताल के कई प्रमुख विभागों में कई खामियां सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार एवं कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों एवं मेडिकल कर्मियों की उपस्थिति असंतोषजनक पाई गई। रोस्टर के अनुसार कुछ कर्मी अनुपस्थित मिले, जबकि कुछ कर्मियों द्वारा विभागीय नियमों के विपरीत मरीजों को स्टिचिंग किए जाने की बात सामने आई। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा अगले आदेश तक वेतन भुगतान स्थगित रखा जाए।
साफ-सफाई और आधारभूत सुविधाओं को लेकर कई निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने 24 घंटे के भीतर शौचालय मरम्मत एवं समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि दवाओं का उल्लेख भंडार पंजी में दर्ज नहीं किया गया था। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि एक्सपायर्ड दवाओं का नियमानुसार तीन दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा भविष्य में दवाओं की आपूर्ति एवं वितरण पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से की जाए। स्टरलाइजेशन एवं सीसीटीवी व्यवस्था पर सवाल निरीक्षण में स्टरलाइजेशन रूम बंद पाया गया तथा मशीन नियत स्थान पर नहीं रखी गई थी, जिससे उपकरणों की समुचित स्टरलाइजेशन नहीं हो पा रही थी। जिलाधिकारी ने मरीजों की संख्या के अनुसार पर्याप्त व्हीलचेयर एवं स्ट्रेचर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधक अजय कुमार गुप्ता मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधक एवं कार्यकारी अधीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए वेतन भुगतान अगले आदेश तक स्थगित रखने तथा उन्हें हटाकर वैकल्पिक पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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