कबीर मठ परिसर में रविवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई
कबीर मठ परिसर में रविवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई

जे टी न्यूज, खगड़िया, परबत्ता: प्रखंड मुख्यालय स्थित कबीर मठ परिसर में रविवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई।जिसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा समानता एवं एकता को बढावा देने के लिए बनाये गये नया नियम तथा सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा पहली ही सुनवाई में अनुपालन पर लगाये गये रोक के संदर्भ में पदयात्रा का आयोजन के कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई।मौके पर माले नेता अरुण कुमार दास,कॉग्रेस नेता राजा गुप्ता,युवा नेता सौरभ कुमार,विशाल यादव,इरशाद समेत ने बताया कि आगामी 17 फरवरी जननायक कर्पुरी ठाकुर के जन्म दिवस के अवसर पर एक पदयात्रा निकाली जायेगी।यह पदयात्रा के एम डी कॉलेज से चलकर रहीमपुर मोड़ तक जायेगी तथा वापस प्रखंड मुख्यालय में इसका समापन होगा।उन्होंने बताया कि
यूजीसी इक्विटी नियमावली लागू करने सहित सामाजिक न्याय के अन्य मुद्दों पर आवाज बुलंद करने तथा यूजीसी इक्विटी नियमावली पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थगन लगाने एवं सरकार के द्वारा इस स्थगन को मौन होकर स्वीकार करने को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों को जातिगत भेदभाव व उत्पीड़न से मुक्त बनाने की दिशा में यूजीसी इक्विटी नियमावली न्यूनतम कोशिश है। इस पर स्टे लगाकर सुप्रीम कोर्ट ने कतिपय शक्तियों के सामने झुकने का काम किया है।

आज भी जाति व्यवस्था भारतीय समाज का यथार्थ है। जीवन के हर एक क्षेत्र में वर्ण-जाति व्यवस्था आधारित विषमता के साथ एक विशेष वर्ग का विशेषाधिकार और वर्चस्व कायम है। रोजाना संविधान व लोकतंत्र पर बढ़ते हमलों के बीच सवर्णों का वर्चस्व और कॉरपोरेटों का लूट बढ़ रहा है। विश्वविद्यालयों- कॉलेजों से लेकर सरकारी कार्यालयों तथा खेत-खलिहानों तक दलितों-बहुजनों के साथ हिंसा उत्पीड़न व भेदभाव नई ऊंचाई छू रहा है।यू जी सी इक्विटी नियमावली को लागू करने तथा संविधान व लोकतंत्र बचाने के साथ डॉ.भीमराव अंबेडकर और शहीद जगदेव प्रसाद जैसे नायकों के सपनों का समाज व मुल्क बनाने की यह लड़ाई है।बहुजन समाज और प्रगतिशील नागरिकों से अपील है कि सवर्णों के विशेषाधिकार व बढ़ते वर्चस्व के खिलाफ संघर्ष के नए दौर के आगाज करने और सम्मान, हिस्सेदारी व बराबरी के एजेंडा पर बहुजन एकजुटता व दावेदारी को बुलंद करने की जरुरत है।

हम मांग करते हैं कि जातीय भेदभाव व उत्पीड़न मुक्त कैम्पस के लिए यूजीसी नियमावली लागू किया जाय, केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में एससी-एसटी व ओबीसी के लिए आरक्षित खाली पदों अविलंब भरा जाए,
निजी क्षेत्र और न्यायपालिका में एससी-एसटी व ओबीसी की आबादी के अनुपात में भागीदारी की गारंटी होनी चाहिए, असंवैधानिक आरक्षण खत्म करने और एससी-एसटी व ओबीसी आरक्षण की लूट पर रोक लगाने की मांग है।लैटरल इंट्री पर रोक की मांग भी हमारे एजेंडा का हिस्सा है।जनगणना के फॉर्म में जाति का कॉलम जोड़ना तथा
जातिगत जनगणना की गारंटी करने की मांग भी है।इस अहिंसक व शांतिपूर्ण पदयात्रा के माध्यम से हम अपनी बात को सरकार तक पहुँचाना चाहते हैं।




