24 मार्च को माकपा की दिल्ली में रैली

24 मार्च को माकपा की दिल्ली में रैली

जे टी न्यूज, पटना: चार लेबर कोड लाने के साथ ही सरकार मजदूर वर्ग के उन तमाम हक और अधिकार को समाप्त कर केवल कारपोरेटों और पूँजीपतियों की तिजोड़ी भरना चाहती है। काम के घंटों को 8 के बदले 12 घंटा करना यानी श्रमिकों को केवल एक मशीन समझना ही हैै। मनरेगा के बदले वी.बी. जी राम जी कानून लाकर यह सरकार न केवल महात्मा गांधी का अपमान कर रही है बल्कि ग्रामीण गरीबों को 100 के बदले 125 दिन का सब्जबाग दिखा रही है। इस कानून में अन्तर्निहित सारे प्रावधान ग्रामीण एवं शहरी गरीबों की जिन्दगी से खेलने वाली है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दादागिरी चरम पर है। झूठे आरोप मढ़ कर अंधेरी रात में बेनेजुएला के राष्ट्रपति एवं उनकी पत्नी को अगवा करना, सम्राज्यवाद के हिटलरी चेहरे को बेनकाब करना है। सच्चाई है कि अमेरिका की नजर बेनेजुएला के अपार तेल एवं सोना भंडारों पर टीकी हुई है। मोदी सरकार भी अमेरिका के आगे नतमस्तक है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धौंस के आगे झूकना हमारी सम्प्रभुता के आगे प्रश्नचिन्ह हैं। उपरोक्त तथ्यों का खुलासा करते हुए सीपीआई(एम) पोलिट ब्यूरो सदस्य एवं बिहार प्रभारी काॅ0 अशोक ढावले ने दो दिवसीय (14-15 फरवरी) बैठक का उद्घाटन करते हुए केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरूद्ध 24 मार्च को दिल्ली रैली का आह्वान किया।

अवधेश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। राज्य सचिव ललन चौधरी ने सबसे पहले 12 फरवरी की आम हड़ताल की सफलता के लिए तमाम मजदूर एवं श्रमिकों तथा पार्टी कार्यकत्र्ताओं को धन्यवाद दिया तथा दिल्ली रैली को सफल बनाने के लिए अपने एक-एक कार्यकत्र्ताओं का आह्वान किया। उन्होंने घोषणा किया कि बिहार से 20 हजार से अधिक की संख्या में लोग भाग लेंगे। इसके लिए प्रचार-प्रसार के व्यापक योजना की रूप रेखा प्रस्तुत किया गया। राज्य के कोने-से कोने बैठक में भाग ले रहे नेताओं ने कड़तल ध्वनि के साथ राज्य सचिव के प्रस्ताव को स्वीकार किया तथा यह भी संकल्प लिया कि पार्टी नवीकरण का काम फरवरी माह में पूरा कर मार्च में पूरी उर्जा के साथ दिल्ली रैली की तैयारी में लग जायेंगे। उन्होंने राष्ट्रीय रैली के माध्यम से बिहार के स्कीम वर्करों की मांगों तथा महिलाओं एवं बच्चियों पर हो रहे जघन्य अपराध के विरूद्ध दृढ़ता से आवाज बुलन्द करने को कहा। बैठक को मुख्य रूप से राजेन्द्र सिंह, अजय कुमार (विधायक), अहमद अली, विनोद कुमार, भोला दिवाकर, प्रभुराज नारायण राव, संजय कुमार, श्याम भारती, मनोज कुमार चन्द्रवंशी, शशिकांत राय, अनुपम कुमार के अलावा राज्य कमिटी सदस्य, जिला सचिवों ने अपने -अपने विचार रखें!

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