वित्त रहित महाविद्यालयों के शिक्षकों की होली फीकी, 2017 से अनुदान बंद होने पर रोष
वित्त रहित महाविद्यालयों के शिक्षकों की होली फीकी, 2017 से अनुदान बंद होने पर रोष

जे टी न्यूज़, समस्तीपुर/पटना: राज्य के वित्त रहित महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मियों के लिए इस वर्ष की होली फीकी रहने वाली है। शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2017 से राज्य सरकार द्वारा अनुदान नहीं दिए जाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। लंबे समय से लंबित अनुदान को लेकर शिक्षकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। वित्त रहित महाविद्यालय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने कहा कि वे वर्षों से सीमित संसाधनों में शिक्षा व्यवस्था को संभाले हुए हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि एक ओर मुख्यमंत्री द्वारा नए कॉलेज खोलने की घोषणाएं लगातार की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर जो महाविद्यालय वर्षों से संचालित हैं, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। शिक्षकों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते वित्तीय सहायता बहाल नहीं की गई, तो कई वित्त रहित महाविद्यालयों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।

उनका कहना है कि यह स्थिति उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित अनुदान का अविलंब भुगतान किया जाए तथा वित्त रहित संस्थानों के लिए स्पष्ट और स्थायी नीति बनाई जाए। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। फिलहाल, होली जैसे पर्व के मौके पर भी वित्त रहित महाविद्यालयों के शिक्षकों में उत्साह की जगह चिंता और निराशा का माहौल बना हुआ है


