“रमज़ान किट” की तक़सीम — इंसानियत का रौशन चेहरा
फैसल एजुकेशनल सोसायटी शंकरपुर की जानिब से 1000 घरों तक रहमत की दस्तक
“रमज़ान किट” की तक़सीम — इंसानियत का रौशन चेहरा
फैसल एजुकेशनल सोसायटी शंकरपुर की जानिब से 1000 घरों तक रहमत की दस्त

जे टी न्यूज, शंकरपुर
रमज़ान सिर्फ़ रोज़ा और इबादत का महीना नहीं, बल्कि रहमत, सख़ावत और इंसानियत की ताज़ा तज्दीद का पैग़ाम है। इसी जज़्बे के तहत हाजी फिरोज आलम नदवी की क़ियादत में फैसल एजुकेशनल सोसायटी शंकरपुर ने इस साल भी 1000 मुस्तहक़, बेवा, यतीम, दिव्यांग और रोज़ेदार ख़ानदानों के दरमियान “रमज़ान किट” तक़सीम करने का एहतमाम किया।
सोमवार, 2 मार्च को सोसायटी के कॉरपोरेट दफ़्तर में यह तक़सीम अपने हाथों से अंजाम दी गई — एक ऐसा मंजर, जहाँ राहत के साथ रूहानी सुकून भी महसूस किया गया।
*किट मिलते ही दुआओं की सदाएँ*
जैसे ही ज़रूरतमंदों के हाथों में राशन किट पहुँची, कई आँखें नम और दिल शुक्रगुज़ार नज़र आए।
बेवा और बुज़ुर्गों ने हाथ उठाकर दुआ की:
“या अल्लाह! हाजी फिरोज आलम नदवी को दराज़ उम्री, सेहत-ओ-आफ़ियत और ख़िदमत की तौफ़ीक़ अता फ़रमा।

यह सिर्फ़ राशन नहीं, बल्कि इज़्ज़त के साथ जीने का सहारा है — ताकि हर घर में सहर-ओ-इफ़्तार की रौनक रहे और ईद की खुशी मुकम्मल हो। *इंतज़ामात मुकम्मल, अमल शफ़्फ़ाफ़*
मुस्तहक़ीन की फ़ेहरिस्त तस्दीक़ के बाद तैयार
तक़सीम के लिए मुनज़्ज़म निज़ाम
ख़िदमतगारों की समर्पित टीम
पूरी तरह पारदर्शी और इंसाफ़ पर मबनी इंतिख़ाब
*कोसी-सीमांचल में भरोसे का नाम*
हाजी फिरोज आलम नदवी अपने मरहूम बड़े भाई अख़्तर आलम सलफ़ी के अधूरे मिशन को आगे बढ़ाते हुए तालीम और समाजी ख़िदमत के मैदान में बराबर सरगर्म हैं।

*अहम समाजी पहलें*
मेडिकल कैंप के ज़रिए मुफ़्त इलाज
चापाकल व साफ़ पानी की तक़सीम
यतीम और बेवा ख़वातीन को स्वरोज़गार
शादी, ग़मी और आफ़त के मौक़ों पर मदद
सन 2003 से जारी यह सिलसिला आज एक तहरीक बन चुका है। कोसी-सीमांचल इलाके में ज़रूरतमंदों के लिए यह सोसायटी एक साया-ए-रहमत की तरह है।
*अहले-ख़ैर से दरख़्वास्त*
हाजी फिरोज आलम नदवी ने अवाम से अपील की है:
“हमारे काम को देखें, परखें; अगर दिल गवाही दे तो इस नेक क़ाफ़िले का हिस्सा बनें।”
रमज़ान की इस मुबारक फिज़ा में फैसल एजुकेशनल सोसायटी शंकरपुर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि असली इबादत, इंसान की ख़िदमत है — और यही है खुशियों की असली सौग़ात



