पांच नाम सुर्खियों में बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?
पांच नाम सुर्खियों में बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?
जे टी न्यूज़, दिल्ली (डॉ.समरेंद्र पाठक वरिष्ठ पत्रकार) : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी भी समय अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप सकते हैं। इसके साथ ही राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।भाजपा आलाकमान ने नए मुख्यमंत्री के लिए नामों पर गंभीरता से विचार करना भी शुरू कर दिया है।
पार्टी के शीर्ष सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री पद के लिए पांच नेताओं के नामों पर मंथन जारी है।इनमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय,उपमुख्यमंत्रियों सर्वश्री सम्राट चौधरी,विजय कुमार सिन्हा,नीतीश मिश्रा एवं सैयद शाहनवाज हुसैन शामिल हैं।
हालांकि मोदी शासनकाल में भाजपा के इतिहास को देखा जाय तो इससे इतर गुमनामी में रह रहे नेता को ही कमान मिलता रहा है। कभी सोचा भी नहीं गया होगा,कि श्री नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते हैं। ऐसे कई उदाहरण है। जिन हस्तियों का नाम सुर्खियों में है,उनका परिचय इस प्रकार है:

श्री नित्यानंद राय
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श्री नित्यानंद राय का जन्म 1 जनवरी 1966 को हुआ।वह भारत सरकार में गृह राज्य मंत्री हैं और बिहार के एक प्रमुख भाजपा नेता हैं। उन्होंने 2014 और 2019 में बिहार के उजियारपुर लोकसभा सीट से जीत हासिल की। वह लंबे समय तक हाजीपुर से विधायक रहे और बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
यादव जाति के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे श्री राय को बिहार की राजनीति में राजद सुप्रीमों लालू यादव की काट के लिए ने भाजपा ने उन्हें प्रदेश प्रमुख भी बनाया था।राज्य में यादवों की अच्छी खासी आबादी है।
श्री राय ने वर्ष 1981 मेंअखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति की शुरुआत की थी एवं वर्ष 2000 में हाजीपुर से पहली बार विधायक बने और लगातार 2000-2014 तक चार बार विधायक रहे।
श्री सम्राट चौधरी
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बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को हुआ।वह राज्य के एक प्रमुख भाजपा नेता हैं। मुंगेर के रहने वाले श्री चौधरी ने राजद से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी और वर्ष 1999 में कृषि मंत्री बने। वह परबत्ता से विधायक और विधान पार्षद रह चुके हैं और राज्य में ओबीसी के एक प्रमुख चेहरा के रूप में सुमार हैं।
श्री चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है।उनके पिता शकुनी चौधरी एक दिग्गज नेता और मां पार्वती देवी तारापुर से विधायक रही हैं।
श्री चौधरी वर्ष1990 में सक्रिय राजनीति में आए और वर्ष 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने।उसके बाद वह जनता दल यूनाइटेड होते हुए
भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके है।उन्हें शीर्ष नेतृत्व का पसंदीदा भी कहा जाता है।
विजय कुमार सिन्हा
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सवर्ण जाति से आने वाले श्री विजय कुमार सिन्हा का जन्म 5 जून 1967 को हुआ।वह बिहार के एक प्रमुख भाजपा नेता और वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं।लखीसराय से 5 बार के विधायक श्री सिन्हा पूर्व में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं,जो अपने कड़े फैसलों के लिए अलग पहचान रखते हैं।
श्री सिन्हा सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स किए हुए है। उन्होंने राजनीतिक की शुरुआत छात्र राजनीति से की। वर्ष 2005 में पहली बार लखीसराय से विधानसभा चुनाव जीते। इसके बाद से वे लगातार इस सीट से विधायक हैं।
श्री सिन्हा को भाजपा के तेजतर्रार नेता के रूप में देखा जाता है, जो जमीनी स्तर से जुड़े है। वह सवर्ण जाति के प्रमुख नेताओं में एक हैं।अगर राज्य में सवर्ण जाति का कोई मुख्यमंत्री बनाया जाता है,तो उन्हें प्रबल उम्मीदवार माना जाता है।
श्री नीतीश मिश्रा
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बिहार के एक प्रमुख राजनीतिक घराने से आने वाले श्री नीतीश मिश्रा का जन्म 9 जुलाई 1973 को हुआ।इनके पिता डॉ. जगन्नाथ मिश्र अखंड बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं।चाचा ललित नारायण मिश्र सत्तर के दशक में रेल मंत्री थे।दर्शकों तक बिहार की राजनीति पर पकड़ रखने वाले परिवार के श्री मिश्रा झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं,जो इनके पिता का पारंपरिक क्षेत्र रहा है।

मिथिला में व्यापक जनाधार वाले उच्च शिक्षित श्री नीतीश मिश्रा 13वीं, 14वीं और 15वीं बिहार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। वह पूर्व में बिहार सरकार में उद्योग और पर्यटन मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।श्री मिश्रा बिहार की राजनीति में एक युवा और सक्रिय नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। मिथिला के नंबर वन नेता में सुमार हैं।
सैयद शाहनवाज हुसैन
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सैयद शाहनवाज हुसैन एक प्रमुख भारतीय राजनेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं।इनका जन्म 12 दिसंबर 1968 को बिहार के सुपौल में हुआ। वह 32 वर्ष की आयु में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री बने थे। वे तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं।
श्री हुसैन ने इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा किया है।उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वह वर्ष 1999, 2006 उपचुनाव और 2009 मे लोकसभा के लिए चुने गए और केंद्र में सबसे कम उम्र के मंत्री बने।वह बेहतरीन पार्टी प्रवक्ता भी हैं।
- कहा जाता है, कि उन्हें खास विकल्प के रूप में बिहार की राजनीति में सक्रिय किया गया है,क्योंकि वे अल्पसंख्यक समुदाय से आते है। हाल में उन्होंने एससीएसटी कानून पर अपनी बेबाकी राय जताकर राज्य में सवर्ण मुस्लिम को पुराने ढर्रे पर करीब लाने की कोशिश की।

