मुंगेर विश्वविद्यालय में सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला दिन
मुंगेर विश्वविद्यालय में सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला दिन

जेटी न्यूज़ भागलपुर। मुंगेर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र का आयोजन आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर के ऑडिटोरियम में मंगलवार से शुरू हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन’ है।
ज्ञातव्य है कि यह सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना द्वारा प्रायोजित है। प्रशिक्षण का आयोजन 07 अप्रैल से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय सेवा योजना के युवाओं के लिए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 200 प्रशिक्षुओं (100 मुंगेर एवं 100 खगड़िया जिला) को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।

उद्घाटन सत्र की औपचारिक शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलगीत एवं राष्ट्रीय सेवा योजना गीत के साथ हुई। आगंतुक अतिथियों का स्वागत शॉल, पौधा एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर किया गया।
उद्घाटन सत्र में सबसे पहले प्रशिक्षण का विषय-प्रवेश कार्यक्रम समन्वयक मुनींद्र कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। इसके बाद आरडी एंड डीजे कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. बिजेंद्र कुमार ने समाज में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूक किया।
मुंगेर विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) प्रो. डॉ. महेश्वर मिश्र ने विश्वविद्यालय में सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में छात्रों की सहभागिता बढ़ाने पर बल दिया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बिहार सरकार की रोजगारोन्मुखी पहल है। उन्होंने इस कार्यक्रम के प्रायोजक बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान (आईएएस) के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. संजय कुमार ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक सीबीसीएस पाठ्यक्रम में एईसी-3 के रूप में आपदा जोखिम प्रबंधन को शामिल किया गया है, जो मुंगेर विश्वविद्यालय में लागू है।

प्रशिक्षकों के रूप में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) से अनुपम कुमार पंडित, शत्रुधन कुमार, राजू कुमार, रितेश कुमार, खुशबू कुमारी एवं प्रीति कुमारी को दायित्व दिया गया है। प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षक-प्रशिक्षण (टीओटी) के रूप में मो. मुस्तकीम अंसारी, आपदा मित्र को अधिकृत किया गया है। प्रत्येक दिन की गतिविधियों की निगरानी का दायित्व वरीय सलाहकार श्री अशोक कुमार शर्मा को सौंपा गया है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यालय के कर्मी सौरभ शांडिल्य, सुशांत, विमलेश, मृत्युंजय, अभिजीत राज के साथ डॉ. संजय मांझी, डॉ. अनीश अहमद, डॉ. सुभम कुमार, डॉ. प्रियरंजन तिवारी, डॉ. अंशु राय, डॉ. प्रभाकर पोद्दार, बीआरएम की प्रभारी प्राचार्या डॉ. नेहा कुमारी एवं कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजकिशोर प्रसाद सहित अन्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
