महात्मा ज्योतिबा फुले के जयंती के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

महात्मा ज्योतिबा फुले के जयंती के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: बी आर बी महाविद्यालय के एनएसएस इकाई के द्वारा के महात्मा ज्योतिबा फुले के जन्म जयंती के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी “शिक्षा,समानता एवं सामाजिक परिवर्तन में महात्मा फुले का योगदान” विषय पर आयोजित किया गया इस अवसर पर हमारे बीच समस्तीपुर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ शशी भूषण कुमार शशि के कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वल और महात्मा फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण के द्वारा किया गया। इस अवसर पर हमारे बीच उपस्थित मुख्य वक्ता को प्रधानाचार्य डॉ जगदीश प्रसाद वाशयंत्री ने पग, चादर एवं मोमेंटो से सम्मानित किया। साथी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को भी मनोविज्ञान विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ राजेश मौर्य के द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्य वक्ता के संबोधन से पूर्व एलएन मोटा के नवनिर्वाचित महाविद्यालय इतिहास विभाग के शिक्षक एवं महाविद्यालय की शिक्षक संघ के सचिव प्रो विकास कुमार पटेल को एवं डॉ स्वीटी कुमारी महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष को समस्तीपुर जिला का अध्यक्ष चुने जाने के लिए सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में महात्मा ज्योतिबा फुले के शिक्षा समानता एवं सामाजिक परिवर्तन के दिशा में भूमिका पर अपने विचार प्रकट किया साथी उन्होंने यह भी किया कि आज तुम ही का योगदान है कि आज महिला महाविद्यालय एवं महिला शिक्षा को प्रसार मिले उन्होंने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि जिस शिक्षा से मनुष्य अन्याय के विरुद्ध खड़ा नहीं हो सकता वह शिक्षा नहीं गुलामी का पाठ है।

मुख्य वक्ता के बाद मंचशीन राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ शबनम कुमारी ने अपने संबोधन ने कहा कि इन्हीं का दिन है कि आज महिला शिक्षा में रोजगार के क्षेत्र में अपने अग्रणी भूमिका निभा रही है। महात्मा ज्योतिबा फुले नैना केवल महिला शिक्षा के क्षेत्र में काम किया बल्कि धर्म समाज एवं परंपराओं के सत्यता को उजागर करना, दलित एवं किसानों के स्थिति को सुधारने के लिए कई पुस्तक, नाटक, आंदोलन एवं संघर्ष किया। उनके प्रयास का प्रतिफल रहा कि तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने “एग्रीकल्चर एक्ट” पास किया। उन्होंने विवाह एवं संस्करण के लिए सत्यशोधक समाज की स्थापना भी की जिसे तत्कालीन सरकार के द्वारा मान्यता प्रदान की गई।

डॉ राजेश कुमार मौर्य ने अपने संबोधन में महात्मा फुले के सामाजिक समानता एवं विभेद रहित समाज निर्माण में अपने अहम् भूमिका पर प्रकाश डाला और अपना विचार व्यक्त किया।

इस कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रधानाचार्य जब डॉ जगदीश प्रसाद वैश्ययंत्री ने कहा कि ज्योतिबा फुले की जयंती हमें यह याद दिलाती है कि शिक्षा और समानता एक विकसित समाज के नियम है। इसके विचार और कार्य आज भी शोषण और वंचित वर्गों के लिए प्रेरणा के स्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ बी आर अंबेडकर इनको अपना गुरु मानते थे उन्होंने उन्हीं के प्रेरणा से बाबा साहब ने संविधान का निर्माण किया।कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन डॉ रेखा कुमारी के द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन विभाग अध्यक्ष हिंदी विभाग से डॉक्टर स्नेहलता कुमारी के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न विभाग के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक आयुष्मान, नेहा, संध्या, प्रीति, ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी आम भूमिका निभाई शिक्षक को में डॉ स्वीटी कुमारी, प्रो राजेश रंजन, डॉ हरि नारायण डॉ सुनील मिश्रा, प्रो विकास पटेल, प्रो ज्योति प्रसाद, डॉ वागेश पाठक, डॉ संजय प्रसाद डॉ, संध्या कुमारी, डॉ शिरीन, डॉ अस्ति आलमगीर, डॉ सालेहीन आदि के साथ शिक्षक कर्मियों में गोपाल भगत, आशुतोष चंद्र मौली, देशबंधु, अभिषेक, राहुल, श्रीकांत संजीव, रवि, अंकित, साजिद, संतोष, राकेश, लालबाबू, बीरलाल आदि उपस्थित रहें।

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