पश्चिम चम्पारण जिला किसान सभा का 38 वां जिला सम्मेलन संपन्न
मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज होगा
पश्चिम चम्पारण जिला किसान सभा का 38 वां जिला सम्मेलन संपन्न
खाद और डीज़ल की कीमतों की वृद्धि वापस लो–विनोद कुमार
मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज होगा

जे टी न्यूज, बेतिया: बिहार राज्य किसान सभा के पश्चिम चम्पारण जिला का 38 वां जिला सम्मेलन का. विनोद गिरि नगर राज देवड़ी स्थित टांगा पड़ाव पर प्रारंभ हुआ।सर्व प्रथम सम्मेलन का झंडोत्तोलन बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव विनोद कुमार ने किया।शहीद वेदी पर माल्यार्पण के बाद सम्मेलन का उदघाटन करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव तथा अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव विनोद कुमार ने कहा कि मोदी सरकार की गलत तथा किसान विरोधी नीतियों के चलते देश गंभीर संकट से गुजर रहा है।गैस,पेट्रोल– डीजल ,खाद और सीएनजी के दामों में हुई वृद्धि से महंगाई आकाश छू रहा है।मोदी सरकार द्वारा अमेरिका से किए गए समझौते से कृषि संकट और गहरा हो गया है।खेतों को किसानों से छीनकर कॉरपोरेट तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों को देने की साजिश चल रही है।
मोदी सरकार अभी तक एम एस पी को कानूनी दर्जा नहीं दिया।कर्ज की बोझ से 52 किसान रोज आत्महत्या कर रहे हैं।खाद ,बीज,बिजली डीजल आदि कृषि संबंधित उपक्रमों के दामों मे हुई वृद्धि से खेती महंगी होती जा रही है।डीजल और पेट्रोल पर मोदी सरकार द्वारा ली जा रही भारी टैक्स में से 35 रुपए प्रति लीटर टैक्स समाप्त करे।
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार किसानों की यूरिया और डीएपी की जरूरतों को पूरी नहीं कर पा रही है।मोदी सरकार को जानकारी थी कि हर वर्ष इस मौसम में मांग बढ़ती है। फिर भी उसने जानबूझकर विदेश नीति में विफलता दिखाई और सस्ते कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की।जिससे किसानों को डीज़ल और खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार बेशर्मी से ईंधन की कीमतें बढ़ा रही है। किसानों पर बोझ डाल रही है और खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रचारित प्राकृतिक खेती से फसल उत्पादन में कम से कम 30% की गिरावट आएगी। कृषि मंत्री ने खुले तौर पर उर्वरकों की कमी की घोषणा कर कालाबाज़ारी को बढ़ावा दिया है। सरकार ने अपनी अक्षमता साबित की है और ईरान तथा रूस से डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों पर आयात रोकने की राजनीतिक भूल पर भी कोई पछतावा नहीं दिखाया है। इसलिए नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ जुझारू संघर्ष शुरू करने का निर्णय लिया है।

समापन भाषण करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के उपाध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि आज देश में प्रत्येक दिन 48 किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। फिर भी मोदी सरकार कारपोरेट और अमेरिकी साम्राज्यवाद के सामने नतमस्तक होती जा रही है।संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार की इस व्यापार समझौते, टैक्स की लूट और कृत्रिम संकट पैदा कर योजनाबद्ध तरीके से देश के किसानों तथा आम जनता की हत्याओं की सिलसिला की कड़ी निंदा करते हैं।
भाजपा सरकार ने उर्वरक सब्सिडी घटाई है। जिससे पोटाश की कीमत दोगुनी हो गई और यूरिया की कीमत भी बढ़ गई। डी ए पी खाद की कीमत 2014 में 1200 प्रति बोरी से बढ़कर 2026 में 2400 से अधिक हो गई है। पोटाश 2000–2500 प्रति बोरी बिक रहा है ।इसके खिलाफ व्यापक संघर्ष खड़ा करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा 28 जुलाई को नई दिल्ली में अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित करेगा। इन बैठकों में सभी महत्वपूर्ण मांगों की प्राप्ति के लिए संयुक्त और स्वतंत्र कार्रवाइयों की आगामी योजना तय की जाएगी।

सम्मेलन का अभिनंदन किसान सभा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य चांदसी प्रसाद यादव,सीटू के जिला सचिव शंकर कुमार राव, खेतिहर मजदूर यूनियन के म. हनीफ ,नौजवान सभा के जिला सचिव संजीव कुमार राव,बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ के जिला अध्यक्ष लालबाबू यादव,जनवादी लेखक संघ के अनिल अनल ने किया।
का. रामा यादव ,बशिष्ठ राय,शिवनाथ राय ,जगरनाथ यादव की 4 सदस्यीय अध्यक्ष मण्डली ने सम्मेलन की अध्यक्षता की।सम्मेलन ने 21 सदस्यीय नई जिला कमिटी का चुनाव किया।जिसके अध्यक्ष प्रकाश कुमार वर्मा,सचिव हरेन्द्र प्रसाद, उपाध्यक्ष,संयुक्त तथा कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए।


