*ऑपरेशन रोटी? को तैयार, बिहार में बेरोजगारों की फौज*

*✒️अनुप कुमार की कलम से*

आर्थिक मंदी साथ ही वैश्विक कोरोना महामारी के दौर में बेरोजगारी महिषासुर की तरह मुंह बाए खड़ी है! बेरोजगारों की फौज बढ़ती जा रही है! खास कर बिहार जैसे राज्यों में स्थिति और भी भयावह होती दिख रही है! नौकरी नहीं मिलने के कारण बिहार में शिक्षित युवाओं की फौज तैयार हो चुकी है!बिहार में कुछ महीनों बाद ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं!

इससे पहले राज्य में बेरोजगारी के जो आंकड़े सामने आए हैं! उससे साफ पता चलता है कि यहां कितना विकास हुआ है! बिहार में बेरोजगारी दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है! केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अपने विभागों में रिक्तियां लगातार घटा रही है! ऐसे में शिक्षित युवाओं को नौकरी की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आती!

युवाओं द्वारा नौकरी की मांग करने पर सत्ता के नशे में अंधी सरकार बेरोजगार युवाओं को माखौल उड़ाने में तनिक भी नहीं हिचकते! बढ़ती बेरोजगारी में उच्च शिक्षा प्राप्त किये युवा अगर रोजगार की माँग करते है तो उन्हें पकौड़े तलने और टेम्पू चलाने जैसा रोजगार करने को कहा जाता है! बिहार की बेरोजगारी दर अभी देश के बेरोजगारी दर 23.5% से भी दुगुनी है।

ऐसे में केंद्र या राज्य सरकार की तरफ़ से रोजगार को लेकर कोई ठोस योजना नहीं दिख रही है। बजाये इसके सत्ताधारी पार्टियां अब अपनी सारी ऊर्जा चुनाव में लगाने को आतुर है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि रोजगार का मुद्दा, जो बिहार में कभी चुनावी मुद्दा नहीं बन सका, क्या इस स्तर तक बढ़ने पर सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है? अगर ऐसा होता है तो मौजूदा सरकार को इस चुनाव में अपने ख़िलाफ़ कोई भी अप्रत्याशित नतीजे देखने को मिल सकते हैं।

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