मालेनगर में माले के जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने दिवंगत कामरेड राम यतन शर्मा को दिया भावभीनी श्रद्धांजली

जेटी न्यूज, मधुबनी-: मालेनगर भाकपा-माले की केंद्रीय कमिटी व पोलित ब्यूरो के पूर्व सदस्य, केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के पूर्व चेयरमैन और बिहार समेत कई राज्यों के पूर्व राज्य सचिव एवं वर्तमान में पार्टी शिक्षा विभाग के प्रभारी काॅ. रामजतन शर्मा को मालेनगर अबस्थित भाकपा-माले के जिला कार्यालय में माले कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।श्रद्धांजलि देने में प्रमुख हैं, माले जिला सचिव ध्रुब नारायण कर्ण, किसान महासभा के जिला सचिव प्रेम कुमार झा, रहिका प्रखंड माले सचिव अनिल कुमार सिंह, बेनीपट्टी प्रखंड माले सचिव श्याम पंडित, राजनगर प्रखंड माले सचिव, दानी लाल यादव, माले नगर सचिव बिशंम्भर कामत, माले कार्यकर्ता हरी कामत, प्रमोद कामत,चौठी साह,शैनी साह, जगन्नाथ साह, मोहम्मद जाबीर, काशी साह सहित दर्जनों माले कार्यकर्ताओं ने कामरेड राम यतन शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया।भाकपा-माले जिला सचिव ध्रुब नारायण कर्ण ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज की विकट परिस्थितियांे का जिस मजबूती से हम सामना कर रहे हैं, काॅ. रामजतन शर्मा उसी मजबूती के प्रतीक थे. 5 जून की सुबह जहानाबाद में उन्हें पहला हृदयाघात हुआ था, लेकिन जिला अस्पताल में ईसीजी की मामूली व्यवस्था भी न होने के कारण सही समय पर हृदयाघात का इलाज आरंभ नहीं हो सका. यदि ऐसा होता तो शायद उन्हें बचाया जा सकता था. बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था ने इस दौर में हमसे कई जिंदगियां छीन ली है. काॅ. रामजतन शर्मा की मौत भी उसी बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का परिणाम है. उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के एक पूरावक्ती कार्यकर्ता के बतौर वे लगभग 50 साल पार्टी के निर्माण व विस्तार के सतत प्रयास में लगे रहे. केवल बिहार में ही नहीं बल्कि उत्तरप्रदेश, झारखंड, छतीसगढ़ में पार्टी निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका कभी भुलाई नहीं जा सकती. 50 सालों के दरम्यान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन संकटपूर्ण स्थितियों का बहुत ठंडे दिमाग से हर दौर में सामना किया। वे पार्टी की वैचारिक मजबूती के प्रतीक थे. आम लोगों के बीच मार्क्सवाद की समझदारी विकसित करना और छात्र-युवाओं-महिलाओं को राजनीतिक कार्यकर्ता के बतौर तैयार करना, उनके विशिष्ट गुण थे. वे बिल्कुल आज की पीढ़ी के थे. आज सभी पीढ़ी के लोग महसूस कर रहे हैं कि हमारे एक साथी चले गए हैं. आज के कठिन दौर में जब हमारे ऊपर कई जिम्मेवारियां हैं, हमारी पार्टी से बड़ी अपेक्षा है, हमें इसपर खरा उतरना होगा. काॅ. रामजतन शर्मा चुपचाप पार्टी निर्माण के हर मोर्चे पर लगे रहते थे, हमें उस रास्ते को आगे बढ़ाना है. जिस क्रांति का सपना लेकर उन्होंने 50 साल काम किया, उसे आज हम आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए ।

जनआंदोलनों के प्रति अटूट निष्ठा और कामरेडों के प्रति स्नेहिल व गर्मजोशी भरा व्यवहार करने वाले काॅमरेड रामजतन शर्मा हम सबों के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे और प्रेरणा देते रहेंगे.श्रद्धांजलि कार्यक्रम को प्रेम कुमार झा, अनिल कुमार सिंह, श्याम पंडित, दानी लाल यादव एवं बिशंम्भर कामत ने भी संबोधित किया।
