अग्निकांड में करोडो रुपए की नुकसान होने का अनुमान. मुख्यमंत्री का आगमन जिला के लिए अशुभ का संकेत

मु
आरके राय

समस्तीपुर ::-समस्तीपुर पूर्व मध्य रेलवे के केंद्रीय भंडार डिपो में लगभग 11:30 बजे रात्रि में अचानक आग लगने से धीरे धीरे डिपो जलकर खाक हो गया. ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने इसकी सूचना जब मंडल रेल प्रबंधक के कंट्रोल रूम में दिया तो जब तक एल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी समझ पाते तब तक दीपू के चपेट में आ गई. इसकी सूचना जिला प्रशासन को मिली तो समस्तीपुर के जिला अधिकारी शशांक शेखर ने अपने अधीन अधिकारियों को देने का प्रयास किया तो अधिकांश अधिकारी का मोबाइल बंद मिला या कोई फोन उठाने से कतराते रहे.

Iजिला अधिकारी के गंभीर जाने के कारण उनके ओएसडी बालमुकुंद प्रसाद ने घटनास्थल पर पहुंचकर कमान संभाला और समस्तीपुर के अलावे दरभंगा बेगूसराय अन्य जिला से भी अग्निशामक को मंगा कर करीबन 8 घंटों तक स्क्रैप डिपो में आग पर काबू पाने के लिए अग्निशामक के प्रभारी तपेश्वर सिंह के सहयोग से काबू पाने में सफलता प्राप्त की. अगर सीनियर डिप्टी कलेक्टर एवं जिलाधिकारी के ओएसडी बालमुकुंद प्रसाद मोर्चा नहीं संभालते तो एक बड़ी हादसा का शिकार गांव के लोग भी हो जाते. दुर्भाग्य तो यह है कि समस्तीपुर रेल मुख्यालय स्थित अग्निशामक में पानी आपूर्ति के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है . अगर आज स्थानीय लोगों द्वारा अपने अपने समरसेबल ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति नहीं की जाती तो अभी आग पर काबू पाना तो दूर गांव के गांव जलकर भस्म हो जाता. इस हादसे के लिए कौन-कौन लोग जिम्मेवार होंगे या तो तय करना बड़ी मुश्किल है. पहली जांच में पता चल रहा है कि इतने बड़े स्क्रैप डिपो में पानी की कोई व्यवस्था नहीं होना भी रेल प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है. चर्चा यह भी है कि बिहार के मुख्यमंत्री एवं पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार की आगमन समस्तीपुर की धरती पर होती है तो कोई ना कोई बड़ा हादसा या कोई घटना होती ही है. जानकारों के मुताबिक 24 जनवरी 19 को समस्तीपुर आए थे तो राष्ट्रीय जनता दल के नेता रघुवर राय की हत्या हुई थी यानी आज 6 नवंबर 19 को समस्तीपुर में विवादित मेडिकल कॉलेज ए्ड अस्पताल की शिलान्यास करने के लिए आ रहे हैं. घर 3 दिनों से समस्तीपुर जिले में अतिथि गृह से लेकर निजी होटल पुलिस जवान अधिकारियों से भरे पड़े. मुख्यमंत्री के आगमन के कारण नरधोधी ग्राम पुलिस छावनी में तब्दील हो गई है.

एेसी चर्चा है कि जनता से अधिक ज्यादा प्रशासनिक एवं सुरक्षाकर्मी देखें जाएंगे. मुख्यमंत्री के स्वागत में तमाम सरकारी तंत्र पिछले 3 दिनों से परेशान नजर आते हैं. सभा को सफल बनाने के लिए विकास मित्र, आगनवाड़ी, जीविका दीदी, ममता और कई आशा समेत सरकारी योजना के लाभ लेने वाले लोगों को लोगों को भी विभिन्न तरह लालच देकर मुख्यमंत्री के स्वागत करने के लिए बुलाया गया.

Related Articles

Back to top button