” खत से आएगी इत्र की खुशबू, डाक विभाग ने 4 सुगंधित डाक टिकटों का सेट जारी किया ; कीमत 25 रुपए ” – शैलेश’

🔊 Listen This News ” अब लिफाफे से आएगी सुगंध इत्र की खुश्बू बिखेरेंगे डाक टिकट ” – ‘शैलेश’. समस्तीपुर, ::-भारतीय डाक विभाग ने डाक टिकटों के इतिहास में एक अनोखी पहल करते हुए इत्र की खुशबू वाले चार डाक टिकटों का सेट जारी किया है,जिसकी एक टिकट की कीमत 25 रुपए है और जल्द […]

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” अब लिफाफे से आएगी सुगंध इत्र की खुश्बू बिखेरेंगे डाक टिकट ” – ‘शैलेश’.

समस्तीपुर, ::-भारतीय डाक विभाग ने डाक टिकटों के इतिहास में एक अनोखी पहल करते हुए इत्र की खुशबू वाले चार डाक टिकटों का सेट जारी किया है,जिसकी एक टिकट की कीमत 25 रुपए है और जल्द ही ये टिकट समस्तीपुर प्रधान डाकघर समेत देश के तमाम प्रधान डाकघरों पर उपलब्ध होगा।इस आशय की जानकारी समस्तीपुर प्रधान डाकघर के जनसम्पर्क निरीक्षक सह मार्केटिंग एक्सक्यूटिव शैलेश कुमार सिंह ने प्रेस को दी।श्री सिंह ने बताया कि भारतीय डाक के द्वारा इससे पूर्व भी चंदन, गुलाब, जूही और कॉफी की सुगंध वाला डाक टिकट जारी किया जा चुका है। सबसे पहले 13 दिसंबर 2006 को चंदन की सुगंध वाला एक डाक टिकट जारी किया था।

भूटान ने पहली बार सुगंधित डाक टिकट 1973 में जारी किए थे। न्यूजीलैंड, थाईलैंड और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में सुगंधित डाक टिकट जारी किए जा चुके हैं।श्री सिंह ने आगे बताया कि डाक टिकट के कागज में ऊद (अगरवुड) और नारंगी फूल (ऑरेंज ब्लॉसम) का अर्क मिलाया गया है और इस प्रकार का सुगंधित डाक टिकट डाक विभाग द्वारा पहली बार चंदन की खुश्बू में आया था । श्री सिंह ने कहा कि भारतीय डाक ने इससे पहले 13 दिसंबर 2006 को चंदन की सुगंध वाला एक डाक टिकट जारी किया था। इसकी कीमत 15 रुपए थी। इसके बाद 7 फरवरी 2007 को गुलाब की सुगंध वाले चार डाक टिकट (5 और 15 रुपए) और 26 अप्रैल 2008 को जूही की सुगंध वाले दो डाक टिकट (5 और 15 रुपए) और 23 अप्रैल 2017 को कॉफी की सुगंध वाले डाक टिकट (100 रुपए) जारी कर चुका है।ऊद दुनिया के सबसे कीमती इत्रों में गिना जाता है। ऊद की खुशबू तीखी मीठी होती है। वर्तमान में ये वृक्ष भारत सहित बांग्लादेश, भूटान, थाईलैंड, वियतनाम जैसे देशों में खूब पाए जाते हैं।

वहीं, ऑरेंज ब्लॉसम यानी नारंगी फूल की खुशबू काफी मीठी और मनमोहक होती है। इसे सौभाग्य का सूचक माना जाता है और बड़े शौक से विवाह के दिन भारतीय दुल्हनें इसका इस्तेमाल करती हैं।उन्होंने बताया कि डाक डाकघर की समस्त सेवाएँ अन्य संस्थानों की वनिस्पत विश्वसनीय लाभकारी व सुगम है और सभी सेवाएँ देश के सुदूर गांव में रहने वाले समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान रखते हुए बनाया जाता है।
कार्यक्रम के अंत मे जनसम्पर्क निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह ने लोगों से डाक सेवाओं को अपनाने और इसका व्यापक लाभ लेने की अपील की तथा देश के विकास हेतु मीडिया कर्मी बंधुओं से डाक विभाग की समस्त सेवाओं को प्रचारित / प्रसारित करने में भरपूर सहयोग करने की अपील की।

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