राजनैतिक लाभ और नाकामियां छुपाने के लिए बीजेपी बोलती नौवीं फेल दस लाख पढ़े-लिखे ग्रेजुएट युवाओं को वही नौवीं फेल नौकरी दे रहा

राजनैतिक लाभ और नाकामियां छुपाने के लिए बीजेपी बोलती नौवीं फेल
दस लाख पढ़े-लिखे ग्रेजुएट युवाओं को वही नौवीं फेल नौकरी दे रहा


जे टी न्यूज़, पटना : हां, मेरा नेता नौवीं फेल है। तो आप अपने राजनैतिक लाभ के लिए, अपनी नाकामियां छुपाने के लिए, मीडिया में आने के लिए उन्हें नौवीं फेल बोलिए। लेकिन इतना याद रखिए, बिहार के दस लाख पढ़े-लिखे ग्रेजुएट युवाओं को वही नौवीं फेल नौकरी दे रहा है।
उसी नौवीं फेल ने ऐतिहासिक जातीय सर्वे कराने के बाद आरक्षण के दायरे को बढ़ाकर 75% तक पहुंचाया है। उसके पिता सीएम रहे, मां सीएम रही। दुनियां के आलीशान विश्वविद्यालयों की बेशकीमती डिग्रियां उसके चौखट पर होती, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार किया।
आप उन्हें लाख गाली दीजिए, नेपोटिज्म का आरोप लगाइए। लेकिन 22 विधायकों वाली पार्टी को किसी एक चेहरे ने अपने भरोसे पर वापस 80 तक पहुंचाया तो वो तेजस्वी है। वो जब जापान के प्रतिनिधियों के बीच अंग्रेजी में भाषण देकर बिहार की लोकसंस्कृति और पर्यटन के लिए रोडमैप देता है, तब पूरे बिहार का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। जब वो लंदन के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में फासिस्ट ताकतों के असंवेदनशील पूंजीवाद और गैर बराबरी पर संवाद करता है, पूरी दुनिया मुंह उठा के मेरे नेता को देखती है।

जब आप सत्ता की मलाई खा रहे थे। यही नौवीं फेल राजभवन तक मार्च निकाल रहा था। जब आप देश विदेश घूम रहे थे, ये नौवीं फेल आपके लिए बिहार के कोने-कोने में बेरोजगारी हटाओ यात्रा कर रहा था। जब आप आराम से अपने घरों में सो थे, वो आपकी नौकरी के लिए, आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए, शिक्षा के लिए पटना के गांधी मैदान में आंसू गैस के गोले झेल रहा था। कोरोना से लेकर बाढ़ जैसी त्रासदी तक विपक्ष में होते हुए भी किसी एक व्यक्ति ने अपनी पूरी मेहनत लगन और प्रतिबद्धता से आपकी खिदमत की है। आपके लिए ऑक्सीजन, रेमडिसिवर, दवाइयां और राहत सामग्री पहुंचाई है, तो वो तेजस्वी है। वही तेजस्वी, जिसे आप खीझ निकालते समय नौवीं फेल कहते हैं। पटना के गर्दनीबाग से लेकर सब्जीबाग के आंदोलनकारियों के बीच पहुंचकर उन्हें ताकत देने वाला नेता है। ED,CBI और IT के दबाव के बावजूद सीना तान सियासत करने वाला जननेता है।


अरे अब जाइए…आप जैसे कुछ मुट्ठी भर कुंठित लोगों के लिए वो नौवीं फेल है। लेकिन बिहार की 12 करोड़ आबादी जिस उम्मीद के साए में एक सुनहरे भविष्य का ख्वाब देखती है, उसके केंद्र में तेजस्वी हैं। केवल और केवल तेजस्वी। बिहार की अस्पतालें, सड़के, स्कूल, इमारतें किसी एक शख्स की सरपरस्ती में क्रांति का बिगुल बजा रही है, तो वो तेजस्वी है। आपके लिए वो नौवीं फेल है लेकिन बिहार के आम जनमानस के लिए वो एक बंदा ओजस्वी है, यशस्वी है, तेजस्वी है।

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