संस्कृत सप्ताह समारोह का हुआ उद्घाटन
वक्ताओं ने संस्कृत को लोक भाषा बनाने पर दिया बल
संस्कृत सप्ताह समारोह का हुआ उद्घाटन
वक्ताओं ने संस्कृत को लोक भाषा बनाने पर दिया बल

जे टी न्यूज, मधुबनी:
संस्कृत विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में शुक्रवार को बड़े ही हर्षोल्लास से संस्कृत सप्ताह समारोह का उद्घाटन किया गया। म.अ.रमेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय, संस्कृत भारती एवं मां श्यामामंदिर न्यास समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह समारोह 22 अगस्त तक चलेगा। समारोह की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 लक्ष्मी निवास पांडेय ने कहा कि संस्कृत को लोक भाषा बनाने की जरूरत है। उन्होंने
इस अवसर पर सभी को संकल्पित होकर दैनिक जीवन में प्रतिदिन संस्कृत सम्भाषण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह कार्य सभी के संयुक्त प्रयास से ही सम्भव है। वहीं, मुख्यातिथि नालन्दा खुला विश्वविद्यालय, पटना के पूर्व कुलपति प्रो.शिवाकांत झा ने मूल रूप से संस्कृत भाषा के स्वरुप एवं उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं, प्रतिकुलपति प्रो0 सिद्धार्थ शंकर सिंह ने
संस्कृत भाषा को जनोपयोगी बताया और इसके विस्तार व संवर्धन पर बल दिया। कहा कि संस्कृत है तो संस्कृति है। इस पर सभी को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इसकी उपयोगिता पर भी चर्चा की।

विशिष्टातिथि केन्द्रिय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के व्याकरण विभाग के प्राचार्य प्रो० धनीन्द्र कुमार झा ने शास्त्रों में संस्कृत भाषा की महत्ता को रेखांकित करते हुए वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की। इसी तरह
विशिष्टातिथि पद्मावती आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, वाराणसी के प्राचार्य डॉ० कमलेशझा ने
संस्कृत भाषा को गौरवशाली भाषा बताते हुए इसके अध्ययन पर बल दिया। वहीं सारस्वतातिथि राष्ट्रिय-संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति के पूर्व कुलपति प्रो० राधाकान्त ठाकुर ने कहा कि
संस्कृत को सरल मानते हुए इसका सम्भाषण करना चाहिए। इस भाषा को कभी भी हीन भावना से नहीं देखना चाहिए। उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकान्त ने बताया कि डॉ यदुवीर स्वरूप शास्त्री के संचालन में उद्घाटित समारोह में आगत अतिथियों का स्वागत डीन डॉ.शिवलोचन झा ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ वरुण झा ने किया। कार्यक्रम में डॉ दिनेश झा, डॉ.दयानाथ झा, डॉ.दिलीप कुमार झा, डॉ . घनश्याम मिश्र,डॉ.रामसेवक झा सहित सभी विभागाध्यक्ष तथा रमेश्वरलता के सभी प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।




