22 दिसंबर को समस्तीपुर से होगी बदलाव की शुरुआत आर.के.राय/जे टी न्यूज़

22 दिसंबर को समस्तीपुर से होगी बदलाव की शुरुआत
आर.के.राय/जे टी न्यूज़


समस्तीपुर। ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान, कृषि और कला की धरती बिहार प्रतिभा की खान है। इसके बावजूद पूरे देश में अपना यह प्रदेश अपने पिछड़ेपन के कारण सिर्फ श्रम और प्रतिभा का आपूर्तिकर्ता राज्य बन कर रह गया है। बिहार की माटी से कई कामयाब लोग निकले हैं, उद्योगपति, अफसर, नेता, अभिनेता आदि लेकिन बहुत कम लोग हैं, जो अपनी माटी का कर्ज उतारने के लिए बिहार लौट कर आए हैं और यहां के लिए कुछ करना चाहते हैं। कहते हैं न की लहू को लहू पुकार ही लेता है इसी प्रकार अपने माटी की खुश्बू अपने बेटों को खींच ही लेती है। ऐसे ही लोगों में एक हैं निशिकांत सिन्हा कुशवाहा जिनका दिल अपनी धरती बिहार केलिये धड़कता है। वे न केवल एक सफल उद्योगपति हैं, बल्कि समाज सेवा के प्रति पूरी तरह समर्पित और नयी पीढी केलिए एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व भी हैं। बिहार की माटी में पले-बढ़े, श्री सिन्हा ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। उनका उद्देश्य है कि हर हाथ में रोजगार, हर बच्चे को शिक्षा, और हर परिवार को सम्मान दिला कर आत्मनिर्भर बिहार बनाना है ।

वे बिहार की माटी से निकले नायक काशीचक प्रखंड के भट्ठा गांव में जन्मे स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता पिता स्व. शशिकांत महतो और दादा स्व. बिंदा महतो के विचारों से प्रभावित हैं और बचपन से ही शिक्षा, गरीबी, और बेरोजगारी के समाधान पर विचार करते रहे हैं।
उन्होंने दिल्ली से करियर की शुरुआत की। पढ़ाई के दौरान एचआर जॉब कंसल्टेंसी की शुरुआत की। हजारों युवाओं को प्राइवेट और मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाई। यहां से उनकी समाज सेवा की यात्रा ने रफ्तार पकड़ी। गुजरात के बड़ोदरा को अपनी पहलख कर्मभूमि बनाया। आईटी सेक्टर में अनोखा योगदान देकर देश-दुनिया में बिहार का नाम रोशन किया। इन सफलताओं के बीच समाज के प्रति जिम्मेदारी को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दी। समाज के गरीब बच्चों को गोद लेकर उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाई। दिल्ली और कोटा जैसे शहरों में यू.पी.एस.सी, आई.आई.टी, और एन .ई.ई.टी की तैयारी करवाई और वे बच्चे आज डॉक्टर, इंजीनियर, और प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज को प्रेरणा दे रहे हैं। गरीब छात्रों के लिए विशेष छात्रावास और धर्मशालाओं का निर्माण करवाया। सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य के वंशज कुशवाहा समुदाय से आने वाले निशिकांत जी का मानना है कि विकास में जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी मिलनी ही चाहिए। इसी लिए वे बिहार को आत्मनिर्भर राज्य बनाने और सबको उसके हिस्से की भागीदारी दिलाने केलिए जगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने हर जिले में जन आशीर्वाद संवाद सभा की शुरुआत की है और इस बदलाव के अभियान का शंखनाद वे 22 दिसंबर 2024 रविवार को सुबह ग्यारह बजे से पटेल मैदान समस्तीपुर से करेंगे। इसके बाद 24 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से कोशी काॅलेज मैदान खगडिया में जन संवाद सभा करेंगे। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, स्वावलंबी समाज और आत्मनिर्भर राज्य के विकास की नई शुरुआत है। यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, समाज के अधिकारों और बदलाव की शुरुआत है। इस आयोजन की सफलता में आप सभी मीडिया के साथियों का सहयोग अपेक्षित है।

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