आओ नया साल मनाये
आओ नया साल मनाये

हस्तियों की शान
मर्दन कर
अर्थके सार्थक पुरुष
मनमोहन को /निगलकर
मन तोरकर
पंकज के गजल
अवरुद्ध कर
आज जा रहा है
मोहाने पर खड़ा 2024
तरपते हुए
कि
मैं
जो कर सका किया
दें सका दिया भी
इकक्षा के पतिकूल
ले जा पाया
पर दुख के साथ
हे नव वर्ष 2025
बनाये रखना सौहार्द
प्रेम
मानवता
परमाणु से हो सके तो दूर रखना
आज के मानव को
हो सके
याद करा ना
गाँधीजी औऱ बुद्ध की
अहिंशा पथ
हाँ 2025
राम,कृष्ण, बुद्ध, गाँधी के
धरती पर
स्वागत है।
🌹💒 डॉ रणजीत कुमार दिनकर


