हृदयविदारक: रिश्तों का कत्ल और ममता की सिसकियां

78 साल की मां, आंखों में आंसू और 'राक्षस' बन चुकी औलाद

हृदयविदारक: रिश्तों का कत्ल और ममता की सिसकियां

-78 साल की मां, आंखों में आंसू और ‘राक्षस’ बन चुकी औलाद

-साहब अपनी ही बेटी-दामाद से बचा लो मेरी जान


जे टी न्यूज़ सुपौल । एक मां, जिसने नौ महीने कोख में पाला, अपनी उंगलियां पकड़कर चलना सिखाया, आज वही बेटी उस बूढ़ी मां की जान की दुश्मन बन बैठी है। सदर प्रखंड के कर्णपुर गांव की 78 वर्षीया मसोमात श्रीमती झा की करुण पुकार सुनकर पत्थर का दिल भी पिघल जाए, लेकिन अफसोस कि उनके अपने ही बेटी-दामाद का दिल मोम नहीं हुआ। आज यह वृद्ध मां थाने की चौखट पर न्याय की भीख मांग रही है और कह रही है। मेरी रक्षा करो सरकार, वरना ये लोग मुझे मार डालेंगे।

*ममता का गला घोंट रही लालच की ‘कंगन’*

बीते 6 जनवरी की दोपहर कर्णपुर में जो हुआ, वह रिश्तों पर कलंक है। आरोप है कि बेटी नंदा झा और दामाद मिथिलेश झा उर्फ मंटू ने न केवल वृद्ध मां के साथ मारपीट की, बल्कि उनकी कलाई से सोने के कंगन भी छीन लिए। जब छोटा बेटा प्रवीण झा मां को बचाने दौड़ा, तो आरोपी बेटी ने ममता को ताक पर रखकर अपने ही भाई पर सदर थाने में झूठा आवेदन दे दिया। यह केवल मारपीट नहीं, बल्कि एक मां की अस्मिता और उसके बुढ़ापे के सहारे पर किया गया क्रूर प्रहार है।

*पिस्टल की नोंक पर अपनों से बगावत का खेल*

श्रीमती झा ने नम आंखों से बताया कि यह प्रताड़ना वर्षों से जारी है। उनकी बेटी और दामाद ने जमीन हड़पने के लिए उन्हें पिस्टल की नोंक पर रखकर अपने ही बेटों और पोतों पर केस करने को मजबूर किया। हद तो तब हो गई जब दामाद ने धमकी दी कि जैसे तुम्हारे पति को मौत की नींद सुला दिया, वैसे ही तुम्हें भी मार देंगे। एक हार्ट पेशेंट बुजुर्ग महिला के लिए इससे बड़ी मानसिक और शारीरिक यातना क्या होगी कि उसे अपने ही दामाद में ‘राक्षस’ और बेटी में ‘राक्षणी’ नजर आने लगी है। दामाद मंटू झा, जो मूलतः बेगूसराय का रहने वाला है, उसके घर पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और अनैतिक गतिविधियों के आरोप भी मां ने लगाए हैं। सवाल यह है कि जब एक असहाय वृद्ध महिला खुद कह रही है कि उसकी मौत के जिम्मेदार बेटी-दामाद होंगे, तो अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? सभी को विश्वास है कि कोसी रेंज, सहरसा के कर्तव्यनिष्ठ डीआईजी मनोज कुमार, सुपौल के जांबाज एसपी और तेज-तर्रार थानाध्यक्ष जरूर इस ‘मां” के साथ न्याय करेंगे।

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