मोदी की विदाई तय. अब प्रक्रिया पर विचार हो रहा

मोदी की विदाई तय. अब प्रक्रिया पर विचार हो रहाजे टी न्यूज़,
संघ की वंगलुरू की मिटिंग हो गयी, मोदी की विदाई तय. अब प्रक्रिया पर विचार हो रहा है कि विदाई सम्मानजनक दिखे. जाने के पहले मोदी को अपने जीवन का सबसे अनचाहे क्षण से साक्षात्कार से भी गुजरना होगा..अपने सबसे बड़े दुश्मन संजय जोशी से भी समझौता करना होगा. यह सब संघ के प्रक्रिया के तहत होगा. मोदी जी एक समय संजय जोशी के सबसे बड़े नजदीकी दोस्त रहे, एक ही थाली में खाते रहे. मोदी गुजरात संगठन में महासचिव तो संजय जोशी गुजरात के बाहर के होने के बावजूद गुजरात संगठन में सचिव रहे. मोदी को लगा था कि मोदी की जगह गुजरात का मु.मंत्री केशुभाई पटेल के बनने में रज्जुभईया का कान संजय जोशी ने भरकर उनका नाम कटवा दिया. क्यूंकि रज्जू भईया ही ने अटल – अडवानी को विटो कर दिया केशुभाई पटेल के नाम पर . वश क्या उसी दिन से मोदी ने संजय जोशी को बरबाद करने का जो बीड़ा उठाया , आजतक जारी है. लेकिन कहा जाता कि एक दिन घूरे का भी दिन बहुरता है. अब संजय जोशी का दिन बहुरने वाला है , उसकी कीमत संघ के निर्देश मोदी को मजबूरन चुकाकर अपने अहंकार की बलि देकर संजय जोशी से पुरानी दोस्ती के नाम पर देश को, पार्टी संगठन को बताने का शो होगा कि मोदी – संजय जोशी संघ के स्वयसेवक हैं. दोनो आमने सामने बैठकर गिला शिकवा दूर करेंगे…और बाहर दोनो दोस्त की फोटो आयेगी. दोनो का नकली बयान एक दूसरे का महिमामंडन करते हुये गोदी मिडिया अपने अपने चैनलो पर लहलहायेगी…यह बहुत जल्दी होने जा रहा है. मोदी सरकार बनने के बाद पहली बार नागपुर संघ कार्यालय जाकर अपने अहंकार को संघ के तलुये के नीचे रखकर एक अच्छे स्वयंसेवक का प्रमाण पत्र लेंगे. सावन के अँधों ( अँधभक्तों ) को हरा ही हरा दिखाई देगा…पूर्वजों की कहावत है…” जो फरै सो झरे, जो रै सो बुतानो.” अब मोदी जी की बुताने का समय आ गया है…वुताने पर जर्सी गाय के गोबर का राख भर रह जायेगा…तत्वविहिन …
संघ से निकला सर्प को जब अपने बिष पर घमंड हो जाता है , तो सारे संघी मिलकर उसे अभिमन्यु की तरह घेरकर मार देते हैं . इतिहास उठाकर देख लें. बलराज मधोक से अडवानी तक . मोदी का भी वो दिन आ गया है. पहले सबों ने मिलकर लोक सभा चुनाव में इनके बिष को बिषहीन इंजेक्शन लगाकर इनको धामिन सांप बना दिये . नीतीश – नायडू की बैशाखी पर आ गये. जहर खतम , केवल पूंछ के मारने से भी शरीर पर जहर का असर होता है. जान का खतरा नही. मोदी धामिन सांप बन चुके हैं. इनके पूंछ की दवा हो रही है. नही मानेंगे तो पूंछ काट ली जायेगी , वह अतिपीड़ादायक होगा… यह सोचकर शायद मोदी जी को वैराग्य प्राप्त हो जाय

साभार – फेसबुक

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