ई-रिक्शा पर प्रतिबंध के खिलाफ शिक्षित बेरोजगार चालक गोलबंद करें आंदोलन तेज
ई-रिक्शा पर प्रतिबंध के खिलाफ शिक्षित बेरोजगार चालक गोलबंद करें आंदोलन तेज

जे टी न्यूज, अलौली: देश बचाओ अभियान के संस्थापक अध्यक्ष ने केंद्र सरकार मोदी के इशारे पर पूंजीपति पक्षीय निर्णय के तहत दिल्ली एवं बिहार में ई रिक्शा पर छात्रों को ढोने के कार्य पर प्रतिबंध लगाने पर कड़ी निंदा एवं आक्रोश व्यक्त किया है तथा लगी प्रतिबंध को छात्र, अभिभावक, ई रिक्शा चालक एवं जन विरोधी व तानाशाही तथा तुगलकी फरमान करार दिया।
श्री यादव ने कहा कि दिल्ली में छात्रों से भरी एक रिक्शा को पीछे से बड़ी गाड़ी से ठोकर लगने पर गाड़ी से बच्चे सड़क के किनारे नाश्ता दुकान में गर्म कराही के तेल में गिरने से हुई मौत के कारण दिल्ली में ई रिक्शा पूर्णतः बंद कर दिया गया। वहीं पटना में भी गाहे-बगाहे तीन पहिया होने के कारण ई रिक्शा दुर्घटनाग्रस्त होते रहा है। जिसके कारण ई रिक्शा पर छात्रों को ढ़ोने पर बिहार सरकार नीतीश कुमार सम्राट चौधरी की सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है।
श्री यादव ने कहा कि ई रिक्शा के दुर्घटना पर यदि प्रतिबंध लगाया गया है तो टैपू बस ट्रेन हवाई जहाज भी दुर्घटनाग्रस्त होती है , उस पर भी प्रतिबंध लगानी चाहिए। दुर्घटना अप्रत्याशित होती है। यह मात्र एक अनहोनी संयोग है। कोई चालक जानबूझ कर दुर्घटना नहीं करते हैं। ई रिक्शा के दुर्घटना होने पर अधिकांशतः ज्यादा हताहत नहीं होती है। किंतु बड़ी गाड़ी के दुर्घटना पर काफी क्षति पहुंचती है। विगत महीने बेगूसराय के जीरो माइल के निकट छात्र से भरी बस से ट्रक का टक्कर हुआ, जिसमें कई छात्र हताहत हुए, कई घटनाएं प्रायः होती रही है, तो क्या सब कुछ बंद कर देनी चाहिए ? लेकिन हां तीन पहिया वाहन सहित सभी गाड़ी को सावधानी बरतने, ट्रेफिक नियम का पालन करने, ओवरलोडिंग नहीं करने की सख्त जरूरत है।
बुद्धिजीवी नागरिक मंच के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने ई रिक्शा पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने की आदेश को तुगलकी फरमान करार देते हुए घोर निंदा किया है।
श्री यादव ने कहा कि शिक्षित बेरोजगार ई रिक्शा चालक अपना जमीन जेवर बेच कर, गिरवी रखकर या लोन लेकर ई रिक्शा खरीद कर चला कर परिवार का भरण पोषण जीविका चलाते हैं , सड़कों पर जद्दोजहद संघर्ष करते हैं, सरकार, परिवहन विभाग , नगर परिषद, रंगबाज, चंदा, रेल विभाग, स्टैंड के द्वारा ली जा रही टैक्स देकर किसी प्रकार से जीवन यापन करते हैं। वहीं गरीब मध्यम वर्ग के बच्चे कम भाड़ा में ई रिक्शा के द्वारा यात्रा कर पठन पाठन करते हैं। अभिभावक पर अन्य सवारी के बजाय ई रिक्शा पर कम आर्थिक बोझ पड़ता है। उक्त सुविधा छीनकर चालक के रोजगार एवं अभिभावक के आर्थिक बचत पर कुठाराघात किया जा रहा है। मनमाने तरीके से अप्रत्यक्ष तौर पूंजीपति पक्षीय कानून नियम बनाकर आदेश पारित कर श्रम शोषण, आर्थिक शोषण, मानसिक शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जहां एक ओर सरकार बेरोजगारों को रोजगार नहीं देती है वहीं दूसरे ओर रोजगार छीनने का काम करती है, आखिर बेरोजगार कैसे जिएंगे ?
श्री यादव ने कहा कि सरकार को समझने की जरूरत है कि स्प्रिंग को जितना दबाएंगे, उतना जंप करेगा । आगामी विधानसभा चुनाव में पूंजीपति परस्त सरकार को उखाड़ फेंकने का आमजन मूड बना चुकी है।
श्री यादव ने सरकार से वैकल्पिक तौर पर छात्र को ढोने हेतु स्कूल पहुंचाने हेतु सरकारी बस की व्यवस्था करने या प्रतिबंध हटाने की मांग किया है। अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। सरकार क्या गारंटी लेंगे कि बस से छात्र ढोने पर दुर्घटना नहीं होगी ?
श्री यादव ने शिक्षित बेरोजगार ई रिक्शा चालक से सरकार के जन विरोधी नीति के खिलाफ संगठित आंदोलन तेज करने का अपील किया।


