बाबा चौहरमल संघर्ष और त्याग के प्रतिमूर्ति थे-शास्त्री

बाबा चौहरमल संघर्ष और त्याग के प्रतिमूर्ति थे-शास्त्री

जे टी न्यूज, खगड़िया: सदर प्रखंड के नन्हकू मंडल टोला स्थित मेनका-कार्तिकेय सदन के सभाकक्ष में वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल की 712वीं जयंती समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू के जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने की। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा चौहरमल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद शास्त्री ने पौराणिक विधि-विधान के साथ उनकी पूजा-अर्चना कर सबका मार्गदर्शन किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने बताया कि वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल का जन्म 1313 ईस्वी में चैत पूर्णिमां को मोकामा टाल के अंजनी शंकरवाड़ टोला में बंदीलाल पासवान और रघुमति देवी के पुत्र के रूप में हुआ था। उन्होंने कहा कि बाबा चौहरमल अपने समय के वंचित, उपेक्षित और कमजोर वर्गों के लिए संघर्ष का प्रतीक थे। वे तानाशाही और दमनकारी नीतियों के खिलाफ जीवन भर लड़ते रहे और समाज में एकता और सद्भावना का संदेश दिया।

 

श्री शास्त्री ने कहा कि बाबा चौहरमल किसानों और पशुपालकों के आदर्श और दलित पासवान समाज के पूज्य कुलदेवता हैं। उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष और त्याग का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसे आज भी लोकगीतों और लोकनृत्यों के माध्यम से याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि बाबा चौहरमल हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे। उनके आदर्शपूर्ण कृति आज भी प्रासंगिक हैं।

इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें प्राचार्य डॉ. अमित कुमार, प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार पासवान, डॉ. संतोष कुमार संत, सुबोध पासवान, प्रशिक्षु शिक्षक हरिवंश कुमार, रघुवीर पासवान, ग्रामीण आवास सहायक अनिकेत कुमार गांधी, अभय कुमार, किसान सलाहकार अंकेश कुमार, रघुवंश प्रसाद यादव, राणा यादव, दिनकर, सूर्यवंश और आदित्य प्रमुख थे।

समारोह का समापन बाबा चौहरमल के आदर्शों पर चलने और समाज में सद्भावना स्थापित करने के संकल्प के साथ हुआ।

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