मधेपुरा के वीमेंस कॉलेज में शैक्षणिक तनाव पर सेमिनार आयोजित

मधेपुरा के वीमेंस कॉलेज में शैक्षणिक तनाव पर सेमिनार आयोजित जे टी न्यूज, मधेपुरा :
वीमेंस कॉलेज, कौशल्या ग्राम, मधेपुरा में “उच्च शिक्षा में छात्राओं के शैक्षणिक तनाव का प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. जूली ज्योति ने की, जबकि महाविद्यालय के संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ने अपने मार्गदर्शन से आयोजन को दिशा प्रदान की।

शिक्षा ही नहीं, सामाजिक भ्रष्टाचार से भी तनाव: डा. अशोक कुमार

डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि छात्राओं के शैक्षणिक तनाव की जड़ें केवल शिक्षा व्यवस्था में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुरीतियों में भी हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज अशांति से ग्रस्त हो, तो व्यक्ति का मानसिक संतुलन स्वतः प्रभावित होता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे न केवल अध्ययन में मन लगाएं, बल्कि सामाजिक सजगता भी अपनाएं।

प्राचार्या डॉ. जूली ज्योति: आत्म-जवाबदेही तनाव प्रबंधन की कुंजी

प्राचार्या डॉ. जूली ज्योति ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्राओं को स्वयं को जिम्मेदार समझना होगा। समय प्रबंधन, संतुलित जीवनशैली और सकारात्मक दृष्टिकोण ही मानसिक तनाव से मुक्ति का रास्ता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जब खुद को उत्तरदायी समझता है, तभी वह तनाव को नियंत्रित कर सकता है।मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों की राय | मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अशोक कुमार (प्राचार्य, पार्वती साइंस कॉलेज) – तनाव सभी वर्गों में फैला है; मीडिया व समाज में गलत धारणाएं तनाव को बढ़ा रही हैं। विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. एम.आई. रहमान (बीएनएमयू, मनोविज्ञान विभाग) – प्रतिस्पर्धा, तुलना और सीमित स्वतंत्रता लड़कियों में तनाव के प्रमुख कारण हैं।

डॉ. आनंद कुमार सिंह – बेटियों पर अभिभावकों की अधिक अपेक्षाएं मानसिक दबाव उत्पन्न करती हैं।

प्रो. चंदेश्वरी कुमार – अस्वस्थ संबंध, नशा और नैतिक पतन तनाव को जन्म देते हैं।

डॉ. भगवान कुमार मिश्रा (उप प्राचार्य, मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा) – केवल छात्र ही नहीं, पूरा समाज तनाव से पीड़ित है।

डॉ. ललन कुमार – समाधान के तीन प्रमुख स्तंभ: आत्मबल, पारिवारिक समर्थन और मनोवैज्ञानिक जागरूकता।

डॉ. अमरेश कुमार अमर – आधुनिक जीवनशैली, उपभोक्तावाद और तुलनात्मक सोच मानसिक असंतुलन का कारण हैं।

डॉ. मनीष कुमार – इंटरनेट की अधिकता से छात्रों में मानसिक विक्षोभ उत्पन्न हो रहा है।

डॉ. कौशल कुमार, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. लक्ष्मण कुमार, डॉ. नीलू कुमारी, डॉ. धर्मावती, डॉ. रविणा कुमारी, जयश्री, डॉ. खुशखुश कुमारी, डॉ. रूपम कुमारी, डॉ. प्रिया कुमारी – सभी ने योग, आहार, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास और प्रयास को तनाव से मुक्ति के उपाय के रूप में प्रस्तुत किया।
धन्यवाद ज्ञापन और सहभागिता

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. माधव कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के कई शिक्षकगण व कर्मी उपस्थित रहे जिनमें प्रमुख नाम हैं:

डॉ. काजल कुमारी, डॉ. नीलू सिंह, डॉ. उपासना कुमारी, डॉ. श्वेता कुमारी, मीनी, रजनी, काजल, अंकिता, शबनम, बादल, रितु, अनिल, राजदीप आदि। यह आयोजन न केवल छात्राओं के मानसिक तनाव की पहचान और प्रबंधन पर केंद्रित रहा, बल्कि महाविद्यालय के संस्थापक डॉ. अशोक कुमार और प्राचार्या डॉ. जूली ज्योति के नेतृत्व में एक सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।

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