अकूत संपत्ति छुपाने के लिए तरह-तरह के तर्क दिए

जयनगर के SDO रहे गुलाम मुस्तफा अंसारी पर भ्रष्टाचार का मामला हुआ साबित

जयनगर के SDO रहे गुलाम मुस्तफा अंसारी पर भ्रष्टाचार का मामला हुआ साबित/ अकूत संपत्ति छुपाने के लिए तरह-तरह के तर्क दिएजे टी न्यूज, जयनगर(मधुबनी):
बिहार के मधुबनी जिला के जयनगर के पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला प्रमाणित हो गया है। जाँच में 44.51 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का खुलासा, सरकार ने उनके पेंशन से 50% की स्थायी कटौती का फैसला किया है।बिहार के मधुबनी जिला के जयनगर के अनुमंडल पदाधिकारी रहे गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप प्रमाणित पाया गया है। विभागीय जाँच में पाया गया है कि आरोपी अधिकारी मोहम्मद गुलाम मुस्तफा अंसारी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। जयनगर के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी ने भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति को छुपाने की पूरी कोशिश की, आरोपी ने बेटे की पढ़ाई के दौरान ही ट्यूशन पढ़ाने का जिक्र किया, ट्यूशन से 18 लाख की कमाई दिखाया, लेकिन संचालन पदाधिकारी ने जाँच में इन बातों को असत्य करार दिया है। अब सरकार ने आरोपी तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी गुलाम मुस्तफा अंसारी को दंड दिया है।जयनगर के तत्कालीन एसडीओ के खिलाफ निगरानी ने दर्ज किया था डीए केस…निगरानी ब्यूरो ने मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी(SDO) गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस 9 दिसंबर 2016 को दर्ज किया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने इन आरोपों के लिए आरोप पत्र गठित किया। 19 जून 2017 को इन आरोपों को लेकर गुलाम मुस्तफा अंसारी से स्पष्टीकरण की मांग की गई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 14 जनवरी 2019 को रिपोर्ट किया, जिसमें मोहम्मद अंसारी के खिलाफ आय से 44 लाख 51 हजार 919 रुपए अधिक धन अर्जित करने का मामला पाये जाने का उल्लेख किया। इसके बाद 08 मार्च 2019 को आरोपी एसडीओ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। मुख्य जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।जाँच में आय से 44 लाख 51 हजार रुपये पाया गया अधिक…  08 जुलाई 2022 को कृषि विभाग के तत्कालीन सचिव-सह-जाँच अधिकारी एन. सरवन कुमार को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। इसी बीच आरोपी मोहम्मद गुलाम मुस्तफा अंसारी 28 फरवरी 2022 को सेवानिवृत हो गया। इसके बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ की विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के तहत परिवर्तित किया गया। जाँच आयुक्त-सह-खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव ने विभागीय कार्यवाही में तमाम आरोपों को प्रमाणित पाया, जिसमें पाया गया कि इन्होंने 44 लाख 51,919 रुपए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।आरोपी ने बचने के लिए बेटे को बनाया ढाल, पढ़ाई के दौरान ट्यूशन से 18 लाख की कमाई दिखाया…जाँच में पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी के पुत्र जो विधि की पढ़ाई करने वाला छात्र है, के बैंक खाते में सहपाठियों के अभिभावक द्वारा पैसे भेजने की बात कही गई थी। साथ ही बेटे के बैंक खाते की राशि 18 लाख रू पढ़ाई के दौरान ट्यूशन से प्राप्त आय के रूप में बताया था, जो सत्य प्रतीत नहीं होता है। इसके बाद सरकार ने तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी गुलाम मुस्तफा अंसारी के पेंशन से 50% की राशि कटौती स्थाई रूप से करने का दंड निर्धारित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से 25 मार्च 2025 को ही संकल्प जारी कर दिया गया। आमलोगों की जानकारी के लिए बता दें कि 27 अक्टूबर 2016 को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मधुबनी के जयनगर के एसडीओ(अनुमंडलाधिकरी) गुलाम मुस्तफा अंसारी समेत कुल 05 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस अधिकारी को जयनगर के स्थानीय व्यवसायी रामवृक्ष साह से रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग द्वारा रंगेहाथ पकड़ा गया था। एसडीओ को गिरफ्तार करने के बाद निगरानी ने एसडीओ के पटना के समनपुरा स्थित आवास पर भी छोपमारी की थी, जिसमें आय से 44 लाख रू अधिक अर्जित करने का एक और केस दर्ज किया गया था। डीए केस को सामान्य प्रशासन विभाग ने सही पाया है और रिटायर्ड अधिकारी के पेंशन से 50 फीसदी कटौती करने का दंड दिया है।आमलोगों के हित में यह भी बता दें कि गुलाम मुस्तफा अंसारी 2013 से 2016 तक जयनगर में एसडीओ रहा था और भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात था और इतना ही नहीं जयनगर का दलाल कथित/तथाकथित पत्रकार/रिपोर्टर के घर का ‘दाना-पानी’ और घर का चूल्हा इसी भ्रष्ट मोहम्मद गुलाम मुस्तफा अंसारी के दलाली और चमचई से ही चलता था और आज वैसे दलाल रिपोर्टर दल्ली दल्ला की पहचान दलाल के रूप में स्थापित और प्रमाणित हो चुका है।

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