शिक्षक मंसूर आलम की हत्या संगठित अपराध का नमूना

शिक्षक मंसूर आलम की हत्या संगठित अपराध का नमूना

शिक्षक मंसूर आलम की हत्या संगठित अपराध का नमूना / शिक्षक मंसूर आलम की हत्या संगठित अपराध का नमूना जे टी न्यूज, मधुबनी। दरभंगा जिला के जाले विधानसभा अंतर्गत सिंगवाड़ा ब्लॉक थाना क्षेत्र में शिक्षक मंसूर आलम की निर्मम हत्या की भाकपा (माले) ने कड़ी निंदा की है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्टी की ओर से एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर घटना स्थल और पीड़ित परिवार से मुलाकात की गई।इस जांच टीम में भाकपा (माले) के अजित कुमार ठाकुर, माले नेता मयंक कुमार यादव, और बेनीपट्टी के सचिव श्याम पंडित शामिल थे। टीम ने मृतक शिक्षक मंसूर आलम के गांव बलिया पहुंचकर शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात की और गहरी संवेदना व्यक्त की।भाकपा (माले) नेताओं ने इस हत्या को न केवल एक व्यक्तिगत घटना बताया बल्कि इसे डबल इंजन सरकार की विफल कानून व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौसले का प्रत्यक्ष प्रमाण करार दिया। जांच के दौरान मृतक के पुत्र उस्मान ने जानकारी दी कि हमलावर तीन की संख्या में पल्सर बाइक से आए थे और मंसूर आलम पर तीन गोलियां चलाकर मौके से फरार हो गए।मंसूर आलम पिछले 19 वर्षों से शिक्षक के रूप में कार्यरत थे और नासिरगंज विद्यालय में पदस्थापित थे। वे शकरपुर में किराए के मकान में रहते थे और प्रतिदिन वहीं से स्कूल आते-जाते थे। उनके सरल स्वभाव और सामाजिक सरोकारों के कारण वे क्षेत्र में अत्यंत सम्मानित थे।भाकपा (माले) मांग करती है कि इस जघन्य हत्या की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, मृतक शिक्षक के परिवार को यथोचित मुआवजा और सुरक्षा की गारंटी प्रदान की जाए।भाकपा (माले) यह भी अपील करती है कि समाज के सभी वर्गों को इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ जागरूक और संगठित होकर आवाज उठानी चाहिए, ताकि अपराध मुक्त और सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।

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