स्वर्गीय प्रोफेसर दिगंबर लाल राय दिवाकर के अंतिम संस्कार में यूआर कॉलेज के प्रधानाचार्य शामिल
परिजनों से श्राद्धकर्म/मृत्युभोज आदि को खत्म करने की सलाह- डाॅ घनश्याम राय
स्वर्गीय प्रोफेसर दिगंबर लाल राय दिवाकर के अंतिम संस्कार में यूआर कॉलेज के प्रधानाचार्य शामिल /.परिजनों से श्राद्धकर्म/मृत्युभोज आदि को खत्म करने की सलाह- डाॅ घनश्याम राय
जे टी न्यूज, दरभंगा: पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के काॅलेज ऑफ कॉमर्स,पटना से गणित विभाग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रोफेसर दिगंबर लाल राय उर्फ दिवाकर जी का शुक्रवार को पटना के हनुमान नगर स्थित आवास पर नि:धन हो गया।
स्वर्गीय राय का अंतिम संस्कार शनिवार को उनके पैतृक गांव ‘ खराज’, मधुबनी में परिजनों व शुभचिंतकों द्वारा किया गया। स्वर्गीय राय अपने शैक्षणिक व सामाजिक जीवन में काफी लोकप्रिय थे। वे वंचित समाज व जमात के उत्थान के लिए सदैव तत्पर रहते थे। वे राष्ट्रीय अमात्य विकास परिषद के संस्थापक अध्यक्ष थे। यू.आर. कॉलेज, रोसड़ा, समस्तीपुर के प्रभारी प्रधानाचार्य सह पूर्णियाँ एवं नालंदा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ घनश्याम राय, स्वर्गीय प्रोफेसर राय के पैतृक गांव ‘ खराज ‘ जाकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहां उपस्थित स्वर्गीय प्रोफेसर राय के दोनों सुपुत्रों को डाॅ घनश्याम राय ने सलाह दी कि उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को जीवित रखने के लिए उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। जयंती व पुण्यतिथि प्रत्येक वर्ष मनाई जानी चाहिए। कर्मकांड, श्राद्धकर्म, मृत्युभोज आदि से बचना चाहिए। उन्होंने उपस्थित सभी परिजनों व शुभचिंतकों से कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके त्याग व कार्य को कृतज्ञ समाज याद करेंगे।

