बापू सभागार में आयोजित “छात्र-संवाद संसद” में 10 हज़ार युवाओं को तेजस्वी यादव बाँटेंगे कलम
बापू सभागार में आयोजित “छात्र-संवाद संसद” में 10 हज़ार युवाओं को तेजस्वी यादव बाँटेंगे कलम
जे टी न्यूज़, पटना : छात्र और युवाओं के कंधों पर सवार होकर ही देश का सबसे युवा प्रदेश बिहार 21वीं सदी में प्रगति और समृद्धि की उड़ान भर सकता है। बिहार की शिक्षा व्यवस्था की दुर्गति और बेरोजगारी की भयावह स्थिति से भाजपा नीतीश सरकार ने बिहार के भविष्य को अंधकारमय बनाने कोई कसर बाकी नहीं रखा है। बिहार के विद्यालयों एवं कॉलेजों में शिक्षकों का अभाव, पाठयक्रम में गुणवत्ता की कमी, पठन पाठन को लेकर सरकार की उदासीनता, चिंतनीय ड्रॉप आउट रेट इत्यादि समस्याएं बिहार के छात्रों को घेरे हुए हैं। वहीं हर परीक्षा में पेपर लीक, धांधली कॉलेज में सेशन लेट चलना, नौकरी और रोजगार के अवसरों का अभाव, बिहार में पूंजी निवेश की कमी इत्यादि समस्याओं से बिहार का युवा जूझ रहा है। जहां युवा और छात्र अपनी हर वाजिब मांग उठाने पर भी पुलिस के डंडों का शिकार बनते हों, ऐसे राज्य और ऐसी सरकार में छात्रों और युवाओं का भविष्य कभी सुरक्षित नहीं हो सकता। बिहार के युवा और छात्र बिहार के पिछड़ेपन और गरीबी के दुष्चक्र को तभी तोड़ पाएंगे जब उनके विषयों पर पूरी तरह से उदासीन भाजपा नीतीश सरकार को वह सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएंगे। 17 वर्षों तक NDA सरकार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को रसातल में पहुँचा दिया था। 17 महीने के छोटे से कार्यकाल में हमने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से प्रथम बार शिक्षा विभाग जदयू कोटे से लेकर अपने पास राजद कोटे में रखा वहाँ कम समय में गुणात्मक कार्य कर रिकॉर्डतोड़ समय में 2 लाख स अधिक शिक्षकों की नियुक्ति करी।
बिहार के युवाओं और छात्रों को लामबंद करने तथा बिहार के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को लेकर उनके दायित्वों के प्रति उन्हें सजग बनाने हेतु राष्ट्रीय जनता दल छात्र युवा संसद का आयोजन कर रही है। इस आयोजन में शामिल होने वाले सभी छात्रों एवं युवाओं के बीच कलम की ताकत पर बिहार के उत्थान को लेकर उनकी प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में कलम वितरित किया जाएगा। शिक्षा और कौशल ही बिहार के युवाओं को आधुनिक वैश्विक जगत की चुनौतियों के प्रति सजग बना सकता है। कलम और कौशल की ताकत ही देश एवं बिहार को समृद्धि और शांति के मार्ग पर अग्रसर कर सकती है। शिक्षा रोजगार जैसे अति महत्वपूर्ण विषयों की अनदेखी कर रही इस सरकार को बिहार जैसे गरीब राज्य में सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता है। बिहार के युवाओं एवं छात्रों की जागरूकता, समाज के प्रति उनके प्रतिबद्धता, समता और समावेश सुनिश्चित करने वाली उनकी समाजवादी विचारधारा के प्रति उनके समर्पण के प्रतीक के रूप में कलम उन्हें सदैव उनके दायित्वों का स्मरण करवाते रहेगा।

